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स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय ने डॉक्टरों को दिया बड़ा झटका

Fri, 06 May 2016 09:18 AM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर

सार

  • पीजी की काउंसलिंग रद्द, एडमिशन लेने गए 100 डॉक्टर लौटाए
  • विभाग ने डायरेक्ट और इन सर्विस जीडीओ कोटे में गड़बड़ी का दिया हवाला
  • स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके डॉक्टरों को फिर से वहीं ज्वाइनिंग के आदेश
  • मेडिकल कॉलेज टांडा और आईजीएमसी में नहीं मिला एमबीबीएस को प्रवेश
  • अब 12 मई को नए सिरे से होगी स्नातकोत्तर सीटों के लिए काउंसलिंग
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स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके कई एमबीबीएस डॉक्टरों को दोबारा वहीं सेवाएं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
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विस्तार
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में स्नातकोत्तर (पीजी) की काउंसलिंग को प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने रद्द कर दिया है। सूबे के इन दोनों मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने गए 100 एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रवेश के बिना लौटा दिया गया।
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स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके कई एमबीबीएस डॉक्टरों को दोबारा वहीं सेवाएं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय ने सीटों के कोटे में गड़बड़ी का तर्क देते हुए पीजी की काउंसलिंग रद्द की है। विभाग ने 12 अप्रैल को हुई काउंसलिंग को रद्द करते हुए 12 मई को नए सिरे से काउंसलिंग के आदेश दे दिए हैं।

हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर के लिए चुने गए 100 एमबीबीएस डाक्टरों में से 40 एमबीबीएस डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में इन सर्विस जीडीओ (जनरल ड्यूटी ऑफिसर) के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
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काउंसलिंग के बाद पीजी में चयन होने की सूचना मिलते ही ये डॉक्टर संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों से रिलीव भी हो गए। यही नहीं जिन स्टेशनों पर ये डॉक्टर सेवाएं दे रहे थे, वहां पर मिले सरकारी एवं प्राइवेट आवास भी उन्होंने छोड़ दिए। अब स्नातकोत्तर में दाखिले के बजाय इन्हें दोबारा संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर ज्वाइनिंग के निर्देश जारी किए गए हैं।
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दांव पर डाक्टरों का भविष्य

विभाग के निर्णय से इन डॉक्टरों का भविष्य दांव पर लग गया है।
जीडीओ डॉक्टर्स की मानें तो ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कोर्ट के निर्देशानुसार सभी राज्यों की पहली पीजी काउंसलिंग 15 अप्रैल से पहले होनी चाहिए। ऑल इंडिया पीजी काउंसलिंग के दूसरे राउंड से पहले स्टेट कोटा की एक काउंसलिंग होना अनिवार्य है, जोकि 12 अप्रैल 2016 को हो चुकी है।

यह मानते हुए कि इन डॉक्टरों को स्टेट की पहली काउंसलिंग में सीट मिल चुकी है, इन डॉक्टरों ने ऑल इंडिया पीजी काउंसलिंग के दूसरे राउंड में भी हिस्सा नहीं लिया। अब इनकी स्टेट से ली गई सीट को भी रद्द किया जा रहा है। विभाग के निर्णय से इन डॉक्टरों का भविष्य दांव पर लग गया है।

स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक डॉ. एसएस कौशल ने कहा कि प्रशासनिक कारणों से पीजी की काउंसलिंग को रद्द कर दिया गया है। जीडीओ डॉक्टर कोर्ट गए थे। अब उनके न्यायालय जाने के बाद नौ तारीख को ही मामला स्पष्ट होगा। ऐसा जानबूझ कर नहीं किया गया है। अब 12 मई को काउंसलिंग होगी।
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