स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके कई एमबीबीएस डॉक्टरों को दोबारा वहीं सेवाएं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में स्नातकोत्तर (पीजी) की काउंसलिंग को प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने रद्द कर दिया है। सूबे के इन दोनों मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने गए 100 एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रवेश के बिना लौटा दिया गया।
स्वास्थ्य केंद्रों से रिलीव हो चुके कई एमबीबीएस डॉक्टरों को दोबारा वहीं सेवाएं देने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय ने सीटों के कोटे में गड़बड़ी का तर्क देते हुए पीजी की काउंसलिंग रद्द की है। विभाग ने 12 अप्रैल को हुई काउंसलिंग को रद्द करते हुए 12 मई को नए सिरे से काउंसलिंग के आदेश दे दिए हैं।
हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर के लिए चुने गए 100 एमबीबीएस डाक्टरों में से 40 एमबीबीएस डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में इन सर्विस जीडीओ (जनरल ड्यूटी ऑफिसर) के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
काउंसलिंग के बाद पीजी में चयन होने की सूचना मिलते ही ये डॉक्टर संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों से रिलीव भी हो गए। यही नहीं जिन स्टेशनों पर ये डॉक्टर सेवाएं दे रहे थे, वहां पर मिले सरकारी एवं प्राइवेट आवास भी उन्होंने छोड़ दिए। अब स्नातकोत्तर में दाखिले के बजाय इन्हें दोबारा संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर ज्वाइनिंग के निर्देश जारी किए गए हैं।