टीम ने चलने फिरने में असमर्थ करीब 12 बुजुर्गों को टीका लगाया। घरद्वार पर कोरोना वैक्सीन लगने से बुजुर्गों ने राहत की सांस ली है। इसके लिए स्थानीय प्रधान तिलक वर्मा ने बीएमओ करसोग सहित हेल्थ विभाग की टीम का आभार प्रकट किया है।
कोरोना के खिलाफ जारी जंग में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर अदृश्य वायरस को हराने में जुटी हुई हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग की दूरदराज पंचायत सरतेयोला में स्वास्थ्य विभाग की टीम को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दरअसल शुक्रवार को टीम चलने फिरने में असमर्थ लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए सरतेयोला जा रही थी।
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इसमें फार्मासिस्ट माहूंनाग रमेश वर्मा, फीमेल हेल्थ वर्कर कुन्हों कला ठाकुर और हेल्थ सब सेंटर चिंडी की याचना शामिल थी। सड़क निर्माण के कारण रास्ता खराब हो गया था। टीम ने टीकाकरण के लिए सरतेयोला जाने की ठानी और जेसीबी के पंजे (बकेट) में बैठकर ढांक को पार किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के जज्बे की सराहना की जा रही है।
टीम ने चलने फिरने में असमर्थ करीब 12 बुजुर्गों को टीका लगाया।
घरद्वार पर कोरोना वैक्सीन लगने से बुजुर्गों ने राहत की सांस ली है। इसके लिए स्थानीय प्रधान तिलक वर्मा ने बीएमओ करसोग सहित हेल्थ विभाग की टीम का आभार प्रकट किया है। प्रधान तिलक वर्मा ने बताया कि दूरदराज की पंचायत सरतेयोला में वैक्सीनेशन की गई। सड़क बनाई जा रही जिस कारण रास्ते खराब हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस दुर्गम पंचायत में वैक्सीनेशन के लिए टीम भेजी। सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने भी टीम के इस हौसले के लिए उनकी पीठ थपथपाई है।