इसके अंतर्गत प्रारंभिक कार्यों की निविदा प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। साथ ही एनएचएआई की ओर से इस मार्ग के रख-रखाव एवं मरम्मत का कार्य भी किया जाएगा, जबकि डीपीआर के अनुमोदन के बाद व्यापक फोरलेन निर्माण कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल शिमला और किन्नौर जिलों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, कृषि एवं बागवानी उत्पादों की बेहतर आवाजाही सुनिश्चित होगी तथा छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधाओं से व्यापार, परिवहन और पर्यटन को नई गति मिलेगी, इससे स्थानीय स्तर पर आय में वृद्धि होगी। राज्यसभा सांसद ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके विकसित होने से पूरे क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी तथा हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पर्यटकों की पहुंच अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।