पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि चुनावी वर्ष में सरकार नौकरियों की लुभावनी घोषणाएं कर रही है। यह मात्र बेरोजगारों को छलने का एक प्रयास है। वर्ष 2012 में प्रदेश के लाखों बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के लुभावने वायदे कांग्रेस पार्टी कर चुकी है, लेकिन सत्ता में आने के बाद भत्ता नहीं दिया गया।
झूठ बोलने वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2003 में भी हर घर से एक व्यक्ति को रोजगार देने का वायदा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। धूमल ने कहा कि कांग्रेस सरकार बेरोजगारी दूर करने और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रति यदि गंभीर होती तो सत्ता में बैठते ही इस दिशा में कोई प्रयास करती, लेकिन कांग्रेस सरकार ने पूरे कार्यकाल में कोई कदम नहीं उठाया है।
अब प्रदेश की जनता कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है, तो कांग्रेस सरकार जनता को लुभाने के लिए घोषणाएं कर जनता को ठगने का असफल प्रयास कर रही है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे का बुरा हाल है। शुद्ध पेयजल हर गांव तक पहुंचाने में सरकार विफल रही।
उन्होंने सरकार के मंत्रियों से सवाल किया कि वे स्पष्ट करें कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल खत्म होने पर ही क्यों रिक्त पदों को भरने की याद आई और वह भी सिर्फ घोषणाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जघन्य कांड घट रहे हैं, अपराधियों को कोई खौफ नहीं है।
अधिकारी, कर्मचारी सरकार की नालायकी की वजह से दिशाविहीन होकर रह गए हैं। कांग्रेस के नेता अधिकारियों को धमकाने का काम कर रहे हैं। धूमल ने प्रदेश भर के अधिकारियों से अपील की है कि वे निष्पक्ष होकर सही काम करें। किसी के डरावे या धमकी में आकर गलत काम करने की आवश्यकता नहीं है।