भोरंज उपचुनाव का चुनावी शोर शुक्रवार शाम पांच बजे थम गया। निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करते हुए सभी दलों ने पांच बजे चुनाव प्रचार बंद कर दिया। अब केवल डोर-टू-डोर ही प्रचार होगा। प्रचार के आखिरी दिन भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को भोरंज विधानसभा क्षेत्र के गांव महल, कैहरवीं, कड़ोहता, बडैहर और अमरोह में पांच सभाएं कीं। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, प्रदेश सह प्रभारी राजा रामपाल ने ग्राम पंचायत बधाणी के दलालड़ गांव और तरक्वाड़ी में नुक्कड़ सभाएं कर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमिला देवी के लिए वोट मांगे।
विपक्षी दल भाजपा ने भी पार्टी प्रत्याशी डॉ. अनिल धीमान की जीत के लिए दिन भर पसीना बहाया। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और विधायक रविंद्र रवि, गोविंद ठाकुर और पूर्व मंत्री रमेश धवाला ने भोरंज के बजडोह, धिरड़, हनोह और लगमन्वी में नुक्कड़ सभाएं कर वोट मांगे। भाजपा ने सांसद अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र में रोड शो से अपनी ताकत दिखाई।
कांग्रेस ने युकां नेता अभिषेक राणा के नेतृत्व में रोड शो किया। दोनों दलों ने आरोप-प्रत्यारोप कर भोरंज की सियासत को गर्मा दिया। नौ अप्रैल को भोरंज विधानसभा क्षेत्र के 99 पोलिंग बूथों पर मतदान होगा। 13 अप्रैल को मतों की गिनती होगी। भोरंज विधानसभा क्षेत्र में कुल 73485 मतदाता हैं।
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
भोरंज उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का यह गृह क्षेत्र है। कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का यह गृह जिला है। वर्तमान में प्रदेश की सत्ता पर कांग्रेस काबिज है।
इस क्षेत्र पर बीते छह चुनावों से भाजपा का कब्जा रहा है। यहां भाजपा विधायक स्वर्गीय आईडी धीमान वर्ष 1990 से 2012 तक चुनाव जीतते रहे हैं। नवंबर 2016 को उनका निधन हो गया। इसके बाद उपचुनाव हो रहे हैं।