‘नशा मुक्त हिमाचल प्यारा’ के संदेश के साथ रविवार को राजधानी में पुलिस हाफ मैराथन में हजारों धावकों ने दौड़ लगाई। पुलिस महानिदेशक ने सुबह साढ़े छह बजे रिज मैदान से दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समापन समारोह में नागालैंड के पूर्व गवर्नर और पूर्व सीबीआई निदेशक अश्वनी कुमार ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे।
पुरुषों की 21.5 किलोमीटर की दौड़ में डिग्री कॉलेज जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने 25 हजार का पहला नकद पुरस्कार जीता। महिला वर्ग में मुजफ्फरनगर की अर्पिता सेन विजेता बनीं। इन्हें भी 25 हजार का पुरस्कार दिया गया। दौड़ में बीएसएफ के आरक्षी सुभाष चंद्रा ने 15 हजार रुपये का दूसरा और मंडी कॉलेज के रमेश कुमार ने ग्यारह हजार रुपये का तीसरा पुरस्कार पाया।
बीएसएफ (राजस्थान) के आरक्षी मुकेश कुमार चौथे, इंडियन आर्मी के नीरज डबास पांचवें, कनेडा के प्रतिभागी गबरेल ने छठा, आर्मी जवान प्रदीप सिंह सातवें, हरियाणा के धावक सूरज भान आठवें, आर्मी के नरदीप और मनदीप ने क्रमश: 5100, 3100 सौ जबकि सातवें से 10वें स्थान पाने वालों को 2100-2100 के नकद पुरस्कार दिए गए।
महिलाओं के वर्ग में मुजफ्फरनगर की छात्रा काजल शर्मा ने 11000 रुपये का दूसरा पुरस्कार पाया। पुलिस विभाग के एआईजी और पीएचक्यू के मीडिया ऑफिसर गौरव शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर विभाग ने 19 से 24 जून तक कई कार्यक्रम करवाए।
मिनी मैराथन में बीएसएफ के सोमोंग, जोगिंद्रनगर की आस्था प्रथम
पुरुषों की 21.5 किलोमीटर की दौड़ में डिग्री कॉलेज जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने 25 हजार का पहला नकद पुरस्कार जीता।
दस किलोमीटर की महिला और पुरुष वर्ग के लिए हुई मिनी मैराथन में बीएसएफ के जवान सोमोंग रमन और महिलाओं में जोगिंद्रनगर की आस्था ने 11 हजार रुपये का पहला पुरस्कार जीता। पुरुषों के वर्ग में धर्मशाला के अनिश चंदेल ने दूसरा, हरियाणा के मान चौधरी, बिलासपुर कॉलेज के विजय कुमार, आईटीबीपी चंडीगढ़ के पप्पू श्रीवास्तव, सोलन के दोरना बहादुर, यूपी के प्रयांशु
भारद्वाज, जोगिंद्रनगर के प्रवीण, सोलन के तेज बहादुर, ठियोग के देवकी नंदन शर्मा ने क्रमश: पहले दस पुरस्कार जीते। लड़कियों में रॉबी कश्यप यूपी, यूपी की ही कनिका, सोलन की मीनाक्षी, ठियोग की वंशिका, श्रेया, प्रियांशी, संजौली की सपना, यूपी की काजल, नौराधार की अंजली ने पहले दस स्थान में जगह बनाकर नकद पुरस्कार जीते।
विशेष श्रेणी के 46 धावकों ने पूरी की ड्रीम रन
विशेष श्रेणी में 46 ने धावकों ने तीन किलोमीटर की ड्रीम रन में हिस्सा लिया। इनमें विक्रम, कमल किशोर, अभिषेक, पंकज, आयूष शर्मा, घनश्याम, यशपाल, सुतम सिंह, कर्ण, अखिल, शिवम, अंकित, त्रिलोक, मोहित, शरद, गौतम, अभिषेक, प्रयाग, मुकेश, इम्तियाज, अंश, जतिन, शुभम, अभिषेक, गिरिश, योगेश, मदन लाल, प्रियंका, लवनीत, विशाल, विशाल नेगी, संदीप कुमार, मुनीश, दीक्षित, राहुल, शिवानी, भानू, सायशा, दीक्षा, टीना, नीरू, शिवानी पूजा, सुरेखा और समीर ने भाग लिया। इन्हें एक- एक हजार नकद पुरस्कार दिया गया।
इन धावकों ने जीते अपने अपने वर्ग में पुरस्कार
शिमला। तीन किलोमीटर की 10 से 15 साल के लड़कों में राजेश, प्रकाश और दीपक, लड़कियों में निकिता, पारूल और करीना ने, 16 से 30 वर्ष में लड़कों के वर्ग में आशिक, नरेंद्र कुमार अमित कुमार, लड़कियों में किरण, पूजा और बेबी ने, 31 से 45 साल पुरुष वर्ग में
सुभाष चंद, केवल राम, कुलदीप, महिलाओं में शबनम, गीता और यमुना सैणी, 46-60 पुरुष वर्ग में यशवंत सिंह, निर्मल सिंह और प्रेम राज, महिलाओं में जया शर्मा, कुसुम सकलानी और नंदिनी, 61 से 74 पुरुष वर्ग में डीआर वर्मा, रत्न लाल और सुनील दत्ता, महिलाओं में नंद रानी, कुसुम और शशि गुप्ता ने क्रमश: पहला दूसरा और तीसरा नकद पुरस्कार पाया।
वरिष्ठ नागरिकों में भी दिखा उत्साह
वरिष्ठ नागरिकों के 75 साल के वर्ग में सुविधा, वीसी भारद्वाज, आनंद सिंह रावत और आरआर वर्मा लै. कर्नल जेएस सोडी और प्रो. राजेश रस्तोगी ने पुरस्कार पाया। 75 से अधिक आयु वर्ग में डॉ. सुमन तिरहान ने दौड़ पूरी कर पुरस्कार पाया।
भारत के लिए मेडल लाना सपना: सावन
महिला वर्ग में मुजफ्फरनगर की अर्पिता सेन विजेता बनीं। इन्हें भी 25 हजार का पुरस्कार दिया गया।
पुलिस विभाग की हाफ मैराथन में मंडी के जोगिंद्रनगर के सावन ने पहला स्थान बनाकर हिमाचल का दबदबा बनाया। यूजी डिग्री कोर्स के अंतिम सेमेस्टर के छात्र सावन का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर मेडल जीतना है। सावन का कहना है कि पिता कुलदीप सिंह, माता और एथलेटिक कोच गोपाल ठाकुर ने उनका पूरा सहयोग किया है।
वे इससे पूर्व मंडी में हुई मैराथन में भी पहला पुरस्कार जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने दस जून को यूपी में जूनियर एथलेटिक फेडरेशन की ओर से करवाई गई 15 किलोमीटर की दौड़ में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस दौड़ में देश भर के पांच हजार धावकों ने हिस्सा लिया था। ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में भी 1500 धावकों को पछाड़ कर दूसरा पुरस्कार जीत चुके हैं।
देश की सर्वश्रेष्ठ धाविका बनूंगी: अर्पिता
पुलिस हाफ मैराथन में महिला वर्ग की 21.5 किलोमीटर की दौड़ की विजेता मुजफ्फरनगर की बीपीएड की छात्रा इस बार चैंपियन बनीं। पिछली बार वे 21वें स्थान रही थी। अर्पिता ने बताया कि पिछली बार कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी।
उनका सपना इस दौड़ को जीतना था। इस बार वे पूरी तैयारी के साथ दौड़ी और पहला स्थान हासिल किया। अर्पिता और उनकी साथी छात्रा मीनाक्षी कश्यप और काजल शर्मा ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान पाया है। अर्पिता का कहना है कि वे देश की सर्वश्रेष्ठ धाविका बनना चाहती हैं।