ओलावृष्टि से सेब के बगीचे को हुआ नुकसान।
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हिमाचल प्रदेश में शनिवार रात को शिमला, कुल्लू और सिरमौर के कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि से सेब और गुठलीदार फसलों को भारी नुकसान हुआ है। यहां सेब के फूलों और गुलाबी कली पर ओलों का कहर टूटा। एंटीहेलनेट की जालियां तक फट गईं। वहीं, मनाली-लेह मार्ग पर अटल टनल रोहतांग से पहले बनी स्नो गैलरी के समीप रविवार को हिमस्खलन होने और शनिवार रात को बर्फबारी से इस मार्ग पर पांच घंटे वाहनों के पहिए थमे रहे।
इसके बाद बीआरओ ने सड़क को यातायात के लिए बहाल किया। नारकंडा, पांगी और किन्नौर में भी हिमपात हुआ है। शनिवार रात को प्रदेश की चोटियों पर बर्फबारी हुई। इससे ठंड बढ़ गई है। रविवार सुबह धूप खिलने से राहत मिली है। कुल्लू में हल्की बारिश हुई है। शिमला जिले के ठियोग, रामपुर, रोहड़ू और चौपाल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई है। शनिवार देर रात प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार और मंगलवार को कई क्षेत्रों में धूप खिल सकती है। 29 मार्च से फिर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। प्रदेश में करीब 100 से ज्यादा संपर्क मार्ग भी बाधित हुए हैं। ठियोग विकास खंड की फागू, धरेच, ददास, चियोग, दैहना और बणी पंचायत में भारी ओलावृष्टि से सेब के अलावा मटर और गोभी की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
निरमंड में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार रात हुई बर्फबारी और ओलावृष्टि से सेब के पौधों को क्षति पहुंची। चंबा जिले में बारिश से तीन संपर्क सड़कें और 82 ट्रांसफार्मर बंद हैं। बागवानों ने सरकार व बागवानी विभाग से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है।