पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद प्रस्तावित उपचुनाव से ठीक पहले अर्की भाजपा में गुटबाजी चरम पर है। खेमेबंदी की आंच हाईकमान तक पहुंच गई है। डैमेज कंट्रोल के लिए प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना आनन-फानन में अर्की पहुंच रहे हैं। यहां सभी क्षेत्रीय नेता तलब किए हैं।
मंगलवार को अर्की के गोसदन में खन्ना मंडल भाजपा के सभी क्षेत्रीय नेताओं की बैठक लेंगे। उनके गिले-शिकवे दूर करने का प्रयास करेंगे। उसके बाद वह चंडीगढ़ लौट जाएंगे। यह सीट वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खाली हुई है।
अर्की विस क्षेत्र में पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा और कुछ अन्य प्रभावशाली भाजपा नेताओं ने हिमकोफेड के अध्यक्ष तथा पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रहे रतन पाल सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला है। रविवार को दाड़लाघाट में हुए सम्मेलन में बड़ी संख्या में पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति सदस्य आदि मौजूद रहे।
क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेताओं में जिप सदस्य आशा परिहार, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर के अलावा अमर सिंह ठाकुर, अमरनाथ कौशल भी मौजूद रहे। सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने एलान किया कि अगर गोविंद राम को टिकट नहीं दिया तो अर्की कल्याण संस्था परगना मलौन से एक उम्मीदवार उतारेगी।
उल्लेखनीय है कि 2017 में वीरभद्र सिंह के इस हलके से चुनाव लड़ने के एलान के बाद भाजपा ने यहां से दो बार के विधायक रहे गोविंदराम शर्मा का टिकट काट दिया था। टिकट रतन पाल सिंह को दिया। उस समय गोविंद राम ने रतन पाल सिंह के पक्ष में प्रचार किया था। गोविंदराम शर्मा के समर्थक पहले भी उनकी अनदेखी की बात उठा चुके हैं।
अब ताजा सियासी बवाल के हाईकमान आगामी विधानसभा उपचुनाव में गुटबाजी, बगावत और भितरघात से आशंकित है। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने अर्की के गोसदन में मंडल के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। यह बैठक दो बजे के बाद प्रस्तावित है।