नेरवा के गुम्मा के नजदीक बीते बुधवार को हुए भीषण बस हादसे में मारे गए यात्रियों में सात की शिनाख्त अभी भी नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन इनकी पहचान करने में जुटे हैं। एक मृतक की जेब से पौड़ी गढ़वाल के एक क्लीनिक की पर्ची मिली है। उसकी पहचान के लिए शुक्रवार सुबह तक क्लीनिक से व्यक्ति नेरवा पहुंचेगा। छह शव नेपाली मूल के हैं।
इनकी पहचान के लिए जिला प्रशासन ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से नेपाली दूतावास से संपर्क किया है। अन्य सभी यात्रियों की पहचान कर ली गई है। उधर, शवों की पहचान के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। वीरवार को दो शवों का रोहडू़ व एक शव का जुब्बल के कोठू गांव में अंतिम संस्कार किया गया। प्रशासन की ओर से शवों को पहचान के लिए नेरवा अस्पताल में रखा गया है। शवों की पहचान न होने के कारण डीएनए नमूने जांच के लिए रखे गए हैं।
उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। ठाकुर ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार की राहत राशि दी गई है। अब तक 19 लाख रुपये दिए गए हैं। ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक शवों की पहचान का इंतजार किया जाएगा और उसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड से मंगवाई 20 क्विंटल लकड़ी और बर्फ
पुलिस अधीक्षक शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग से बीस क्विंटल लकड़ी मंगवाई गई है। उन्होंने बताया कि पहचान में न आ सके शवों को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ भी मंगवाई गई है।
इनकी हुई शिनाख्त
बस चालक कमल (38) पुत्र सारिया गांव निमगा देहरादून, नारायण सिंह (25) पुत्र जगेर सिंह ग्राम कजवाह सिरमौर, जगेर सिंह (50), पुत्र मोही राम ग्राम कजवाह सिरमौर, दलीप सिंह (18) पुत्र भाग सिंह ग्राम सताहन सिरमौर, शेर सिंह पुत्र ओमप्रकाश उत्तर प्रदेश, संजीव पुत्र अमेन सिंह गांव अलसारा उत्तरप्रदेश, सुरेंद्र पुत्र अजीत सिंह ग्राम शिली पांवटा साहिब, मान सिंह पुत्र राम लाल ग्राम शरडु रोहड़ू, रेशमी पत्नी मान सिंह ग्राम शरडू रोहड़ू, मोहन लाल पुत्र राम प्रकाश फरीदाबाद उत्तर प्रदेश, किरण देवी पत्नी संजीव ग्राम अपरावा उत्तर प्रदेश, गंगा राम पुत्र प्रेम बहादुर त्यूणी उत्तराखंड, धर्मा माथुर पुत्र भलायण माथुर बिहार, राम बहादुर पुत्र मोहन लाल नेपाल, मीना पत्नी राम बहादुर नेपाल शामिल हैं।