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गुड़िया न्याय मंच ने किया सचिवालय का घेराव, DGP का मांगा इस्तीफा

Thu, 10 Aug 2017 12:12 PM IST
amarujala.com/shimla- presented by: अरविंद ठाकुर
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गुड़िया और होशियार सिंह मामले में मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग को लेकर बने न्याय मंच ने राज्य सचिवालय का घेराव किया। उपायुक्त दफ्तर से लोअर बाजार होते हुए छोटा शिमला तक रैली निकाल कर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने करीब ढाई घंटे तक सचिवालय के पास चक्का जाम किया। बुधवार दोपहर करीब पौने दो बजे प्रदर्शनकारियों के सचिवालय के पास पहुंचते ही पुलिस ने सड़क पर लगे मुख्य गेट को बंद कर दिया। 
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उग्र प्रदर्शनकारियों ने गेट पर चढ़कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह के मामले को सीबीआई को देने और गुड़िया मामले में गठित पुलिस की एसआईटी के सभी अफसरों और कर्मियों को पद से बर्खास्त करने की मांग की।

न्याय मंच के पदाधिकारियों ने कहा पुलिस लॉकअप में हुई नेपाली सूरज की मौत में पुलिस थाना कोटखाई के पूरे स्टाफ को भी बर्खास्त किया जाना चाहिए। न्याय मंच ने डेढ़ साल पहले शिमला से समीप स्थित बल्देयां से गायब हुए मेदराम के मामले की भी उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की।
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दोपहर सवा चार बजे तक न्याय मंच का प्रदर्शन चला। प्रदर्शन के बाद मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव वीसी फारका को मांगों का ज्ञापन सौंपा। न्याय मंच ने 23 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी भी दी है।

इस अवसर पर गुड़िया न्याय मंच से शारदा दमसेठ, सराज न्याय मंच से कुंदन, नरेंद्र, मेदराम न्याय मंच से बिशन सहित पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व मेयर संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा, जगत राम, कुलदीप तंवर, बलवीर पराशर, सुंदरलाल, मदनलाल भारद्वाज, दिलीप कायस्थ, अनीता, दीनित धैंटा सहित कई अन्य ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। 

चक्का जाम से आम पब्लिक हुई परेशान
न्याय मंच के चक्का जाम के चलते बंद हुई मुख्य सड़क के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यातायात ठप होने के चलते स्कूली बच्चों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। पुलिस ने छोटी गाड़ियों को हालांकि राजभवन से आने-जाने दिया लेकिन इस कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। लोगों ने आए दिन के चक्का जाम को गलत भी ठहराया।

ढाई घंटे मौके पर खड़े रहे एसपी और डीसी
प्रदर्शन के दौरान एसपी शिमला सौम्या और उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर पौने दो बजे से लेकर सवा चार बजे तक मौके पर ही तैनात रहे। इनके अलावा पुलिस और जिला प्रशासन के कई बड़े अफसर भी मौके पर खड़े रहे। बुधवार को सचिवालय के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। क्यूआरटी भी मौजूद रही। 

सचिवालय के गेट किए बंद, अंदर जाने पर लगी रोक
बुधवार को न्याय मंच के प्रदर्शन के चलते पुलिस ने एहतियात बरतते हुए सचिवालय के तीनों गेट अंदर से बंद कर दिए। करीब दो घंटे तक किसी को भी सचिवालय में अंदर नहीं जाने दिया गया। बाहर जाने वालों को भी सिर्फ मुख्यमंत्री आफिस से सटे गेट से बाहर जाने की अनुमति दी। इस कारण लंच टाइम के चलते सचिवालय कर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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