हाईकोर्ट में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए बनाए गए संशोधित कानून को चुनौती देने वाले मामले पर सुनवाई 6 सितंबर के लिए टल गई है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को अभिमन्यु राठौर तथा अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने नए कानून के तहत भवनों के नियमितीकरण को किए आवेदनों पर अंतिम निर्णय लेने पर रोक लगा रखी है। मामले के अनुसार 24 जनवरी, 2017 को सरकार ने अधिसूचना जारी कर प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन अधिनियम 2016) राजपत्र में प्रकाशित किया। इस कानून को 15 जून, 2016 से लागू माना गया।
अधिसूचना के तहत नियमितीकरण के लिए संबंधित लोगों को 60 दिन का समय देते हुए आवेदन मांगे गए। इस बीच, प्रार्थी अभिमन्यु राठौर की ओर से दायर याचिका में सरकार पर आरोप लगाया गया कि इस तरह के कानूनों से अवैध निर्माणों को बढ़ावा दिया जाता है।
इससे ईमानदार लोग खुद को असहज अनुभव करते हैं। प्रार्थी ने उक्त कानून के तहत आए नक्शों को नियमित करने के लिए आवेदनों को कोर्ट में मंगवाने की गुहार भी लगाई है।