जिला शिमला के कोटखाई की एक छात्रा 4 जुलाई, 2017 को लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी की सजा को लेकर 18 मई को होने वाली सुनवाई अब 28 मई को होगी। अदालत ने 28 अप्रैल को इस मामले में चरानी निलू को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने सजा पर फैसले के लिए सुनवाई 18 मई को निर्धारित की थी।
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बता दें कि 2017 में हुए गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड के मामले में सीबीआई की ओर से चालान पेश किया गया था, जिसमें आरोपी नीलू चरानी को अदालत ने 28 अप्रैल को दोषी करार दे दिया था।
कोरोना कर्फ्यू की लागू बंदिशों और शिमला बार एसोसिएशन की ओर से लिए निर्णय को देखते हुए अदालत ने सजा को लेकर होने वाली सुनवाई के लिए 28 मई की तिथि तय की है।
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गौर हो कि कोटखाई की एक छात्रा 4 जुलाई, 2017 को लापता हो गई थी। छात्रा 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी जंगल में मृत मिली थी। मामले की जांच में पाया गया था कि छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई।