गुड़िया से दुराचार के बाद हत्या मामले में पुलिस की ओर से पकड़े पांचों आरोपियों का अब सीबीआई नार्को टेस्ट करवाएगी। अदालत ने शुक्रवार को टेस्ट से मना करने वाले पांच में से एक आरोपी आशीष चौहान का नार्को कराने की मंजूरी दे दी है।
चार आरोपी पहले ही नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। पांचवें आरोपी के नार्को के लिए सीबीआई ने कोर्ट से अनुमति मांगी थी। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। बता दें कि इस मामले में छह आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
एक आरोपी सूरज की लॉकअप में ही हत्या हो गई थी। सीबीआई आरोपियों का नार्को टेस्ट अहमदाबाद या दिल्ली में करवा सकती है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी आशीष चौहान नार्को टेस्ट को लेकर लगातार इनकार कर रहा था।
अदालत की मंजूरी मिलने के बाद आशीष चौहान के साथ-साथ राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, सुभाष बिस्ट, लोकजन उर्फ छोटू और दीपक का नार्को टेस्ट करवाने का रास्ता साफ हो गया है।
कोर्ट से आरोपियों का नार्को टेस्ट करवाने की मंजूरी को सीबीआई जांच की अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। उधर, सभी आरोपियों की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी है।
यहां जानिए क्या है नार्को टेस्ट
नार्को टेस्ट में एक विशेष प्रकार के रासायनिक यौगिक को प्रयोग किया जाता है। इसे ट्रूथ ड्रग के नाम से भी जाना जाता है। ट्रूथ ड्रग एक साइको एक्टिव दवा है, जो ऐसे लोगों को दी जाती है जो सच नहीं बताना चाहते हैं।
दवा के प्रयोग से व्यक्ति कृत्रिम अनिद्रा की अवस्था में पहुंच जाता है। इस दौरान उसके दिमाग का त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला हिस्सा काम करना बंद कर देता है। ऐसे में व्यक्ति बातें बनाना और झूठ बोलना भूल जाता है।
जो भी दोषी होंगे, कड़ी सजा मिलनी चाहिए : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गुड़िया प्रकरण की जांच के दौरान हवालात में मारे गए सूरज की हत्या मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस लॉकअप में एक आरोपी की हत्या के मामले में जो दोषी होंगे, वे सजा भुगतेंगे।
सरकार की किसी भी अधिकारी के साथ कोई हमदर्दी नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी भाजपा और माकपा आज जिस तरह से गुड़िया प्रकरण को लेकर राजनीति कर रहे हैं, उससे लगता है कि वे मुद्दों को लेकर खोखले हैं।
कहा कि जब यह प्रकरण हुआ, उसके बाद उन्होंने पाया कि इस मामले की राज्य से बाहर की एजेंसी से छानबीन करवानी चाहिए। इसके बाद उन्होंने खुद सीबीआई जांच के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा।
यही नहीं, उन्होंने खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने को कहा। उनकी इस कवायद के बाद ही सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीआई मामले को जल्द सुलझाएगी। कहा कि पुलिस को हिरासत में आरोपियों से पूछताछ का पूरा हक है, लेकिन पुलिस वालों को पूछताछ में शालीनता बरतनी चाहिए थी।