उल्लेखनीय है कि गुड़िया मामले में पुलिस जांच के दौरान पकड़े गए कथित आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या की गई थी। इस हत्या के बाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान वाली मौजूद जनहित याचिका में तत्कालीन एसआइटी प्रमुख पूर्व आईजी जहूर एस जैदी समेत 8 पुलिसकर्मियों को प्रतिवादी बनाया और उनसे उनके द्वारा इस मामले में की गई जांच का विस्तृत ब्यौरा शपथपत्र के माध्यम से देने के आदेश दिए थे।
सभी प्रतिवादी पुलिसकर्मियों ने अपने अपने शपथपत्र सील्ड कवर में दायर किए हैं। सीबीआई ने सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दायर करने से पहले भी यह शपथपत्र मांगे थे लेकिन हाईकोर्ट ने यह शपथपत्र सौंपने से इंकार कर दिया था। अब दोनों ही मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है। ऐसे में सीबीआई इन शपथपत्रों में दी गई जानकारियों का इस्तेमाल ट्रायल के दौरान करना चाहती है।