आईजी जहूर एच जैदी, ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी और सीबीआई के रिमांड पर चल रहे अन्य छहों पुलिसवालों को वीरवार को न्यायिक हिरासत में कैथू जेल भेज दिया गया है।
सीबीआई ने गुड़िया मामले से संबंधित लॉकअप हत्याकांड में पैसे की लेनदेन की आशंका पर इसे जांचने और एफटीए कार्ड की बरामदगी को चार दिन का रिमांड मांगा।
पुलिसवालों के वकीलों ने कोर्ट को दलील दी कि जब एक ओर सीबीआई इस मामले की जांच के पूरा होने की बात कह रही है तो पुलिस रिमांड क्यों दिया जाना चाहिए।
लॉकअप मामले में पकड़े गए इन आठों पुलिसवालों को 14 दिन तक न्यायिक हिरासत पर भेजा गया है। 20 सितंबर को इन्हें कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही पेश किया जाएगा।
दोपहर बाद कोर्ट लेकर पहुंची सीबीआई, मांगा रिमांड
वीरवार को सीबीआई ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला के कोर्ट में आठों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दोपहर बाद पेश किया। ये आईजी जहूर एच जैदी, ठियोग के पूर्व डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई पुलिस थाने के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह, पुलिस स्टेशन कोटखाई के पूर्व एएसआई दीप चंद, एचएचसी सूरत सिंह, हेड कांस्टेबल मोहन लाल, हेड कांस्टेबल रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत स्ट्रेटा थे।
सीबीआई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके सेठी ने अदालत से इन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने की मांग की। इसके पीछे दलील दी कि इन्हें दो कारणों से रिमांड पर भेजा जाए। एक कारण यह बताया कि सूरज हत्याकांड के फोरेंसिक नमूनों को एकत्र करने के लिए इस्तेमाल होने वाले एफटीए कार्ड को पुलिस ने सीबीआई को नहीं दिया है। इसे बरामद किया जाना है।
सीबीआई ने रिमांड के लिए ये वजह भी बताई
दूसरी वजह मनी ट्रांजेक्शन की छानबीन बताई। मगर इसका पुलिसवालों की ओर से पेश वकीलों ने विरोध किया और कहा कि तीसरी बार इनका रिमांड मांगा जा रहा है। ये पुलिसकर्मी पिछले दस दिन से रिमांड पर चल रहे हैं।
अधिवक्ताओं की ये भी दलील थी कि एक ओर सीबीआई ही कह रही है कि लॉकअप मामले की जांच पूरी हो गई है और दूसरी ओर रिमांड मांगा जा रहा है। पिछली बार डंडे की बरामदगी को लेकर रिमांड मांगा गया। अब इस बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है।
अब एफटीए कार्ड वाली नई बात आ गई है। सीबीआई रिमांड पर लेने के बाद उन्हें दिल्ली ले जा रही है। मौके पर केवल एसएचओ को ही एक बार भेजा गया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने बाद में आदेश जारी किए कि आठों पुलिसकर्मी 14 सितंबर तक न्यायिक हिरासत पर रहेंगे। ये न्यायिक हिरासत 20 सितंबर तक होगी।