फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

GST का असर: लाखों बागवानों को झटका, इतना महंगा हुआ कार्टन

Sun, 09 Jul 2017 09:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
सेब को मार्केट में भेजना अब बागवानों को पहले से महंगा पड़ेगा। कार्टन पर 12 फीसदी जीएसटी लगाए जाने से प्रदेश के बागवानों को झटका लगा है। इससे गत्ता पेटियां पहले से महंगी हो गई हैं। सेब के एक बॉक्स को तैयार करने की लागत भी बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

 
पिछले साल जहां प्रति कार्टन रेट 40 से 48 रुपये तक थे, वहीं इस साल यही कार्टन अधिकतम 52 रुपये तक बिक रहा है। इसी तरह से ट्रे के बंडल की बिक्री 550 रुपये तक हो रही है। अब तक सेब को पैक करने वाले कार्टन पर चार फीसदी वैट और छह फीसदी एक्साइज ड्यूटी सहित करीब 11 फीसदी कर ही बैठता था।

अब इन सारे करों को खत्म कर 12 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जा रहा है। कोरगेटिड बॉक्सेज मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशंस के संयुक्त महासंघ के अध्यक्ष गिरीश सरदाना का कहना है कि सेब के एक कार्टन में तीन से पांच रुपये तक की कीमतों का फर्क पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए जेब ढीली करेगा जीएसटी

इसके दो कारण हैं। इनमें एक 12 फीसदी जीएसटी है तो दूसरा पेपर के रेट बढ़ जाना भी है। गत्ते से बनाए जाने वाले इन बक्सों पर कर में छूट देने का मामला वे केंद्र सरकार के समक्ष भी उठा चुके हैं, मगर इसका कोई असर नहीं हुआ।

अब आने वाले समय में कार्टन की मांग पर भी इनकी कीमतों का घटना या बढ़ना तय होगा। फिलहाल तीन से पांच रुपये तक प्रति कार्टन कीमतें बढ़ रही हैं। युवा बागवान कुलदीप कांत शर्मा ने कहा कि बागवान जहां यह महसूस कर रहे हैं कि कृषि उत्पादों पर जीएसटी नहीं है, वहीं इस तरह से जीएसटी का बोझ और कागज का रेट बढ़ना बागवानों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें