जीएसटी लागू होने के बाद हिमाचल में अधिकांश सरकारी सस्ती दवा दुकानों के शटर डाउन हो गए हैं। खाद्य आपूर्ति निगम ने बिक्री के लिए कंप्यूटर डाटा बेस को जीएसटी के मुताबिक अपडेट नहीं किया है।
जिससे अधिकांश फार्मासिस्ट लाइसेंस धारक ने दवाएं बेचना बंद कर दिया है। ऐसे में सरकारी अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को बाजार से मंहगे दाम पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
हालांकि बुधवार को निगम ने साफ्टवेयर डाटा बेस अपडेट करने के साथ दुकानधारकों को जीएसटी के तहत पंजीकरण करवाने के निर्देश जारी किये हैं।
प्रदेश में 1 जुलाई से सरकारी सस्ते दवा दुकानों पर बिक्री प्रभावित चल रही है। निगम ने समय रहते बिक्री प्रणाली के लिए स्थापित साफ्टवेयर डाटा बेस जीएसटी के अनुरूप अपडेट नहीं किया।