परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि विस चुनाव के दौरान कांग्रेस ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया था। सरकार ने इस घोषणापत्र को सरकारी दस्तावेज माना है। इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बात की जाएगी, ताकि इसे बजट सेशन में डाला जा सके।
बाली ने प्रेसवार्ता में कहा कि मैं घोषणापत्र का समन्वयक था। हमने पढ़े-लिखे युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी। जमा दो और बीए तक पढ़े युवाओं को एक हजार रुपये मासिक भत्ता देने का वादा किया था, जिनकी सालाना आय 2 लाख रुपये तक है। इसी तरह दिव्यांगों के लिए 1500 रुपये मासिक भत्ता देने का की बात कही थी।
आरोप सही निकलते हैं तो छोड़ दूंगा राजनीति
जीएस बाली ने कहा कि भाजपा चार्जशीट में मेरे खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। भाजपा के सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने भी चार्जशीट बनाई थी। मैं इसका चेयरमैन था। कांग्रेस ने जो चार्जशीट सौंपी थी, उसमें बेनामी संपत्ति को लेकर कई बड़े बिंदु थे।
जिस पर तेजी से काम होना चाहिए था। अभी तक इस पर क्या कार्रवाई हुई है, इसका मुझे पता नहीं है। कहा कि अब मैं चार्जशीट कमेटी का चेयरमैन नहीं बनूंगा। बोले - भाजपा चार्जशीट में मेरे विभाग पर घोटाले के जो आरोप लगाए हैं, इस बारे में भाजपा हाईकोर्ट या लोकायुक्त में शपथपत्र दे सकती है। वह हाईकोर्ट में सारे सबूत रखेंगे। उनके सभी विभागों में नियमों के मुताबिक काम हुआ है।