परिवहन मंत्री जीएस बाली शुक्रवार को बस हादसे के घायलों का कुशलक्षेम पूछने के लिए आईजीएमसी और खनेरी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि घायलों से बातचीत करने पर पता चला है कि बस तेज गति से चलाने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुई है। हकीकत जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद सामने आएगी।
जांच कमेटी में एसडीएम और परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। शुक्रवार सुबह 11 बजे घायलों और चालक-परिचालक से बातचीत के बाद मंत्री बोले - हादसे के घायलों ने कहा कि बस तेज गति में चल रही थी। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ और बस खाई में जा गिरी।
कहा कि सरकार समय-समय पर चालकों को जागरूक करती है। उन्हें बरसात के दौरान वाहन धीमी गति से चलाने के निर्देश दिए जाते हैं। निगम की बसों के चालक तो गति पर नियंत्रण रखते हैं, परंतु निजी बस चालक बसें काफी तेज चलाते हैं। हादसे कम करने को आधुनिक क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। ये ऐसे क्रैश बैरियर हैं, जो तेज गति से चलने वाले वाहनों को रोकने में सक्षम हैं।
ऐसे क्रैश बैरियर एक किलोमीटर तक प्रयोग के तैयार पर लगाए जा रहे हैं। अगर प्रयोग सफल रहा तो यही क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। ये क्रैश बैरियर विदेशों में लगते हैं। प्रदेश में क्रैश बैरियर लगाने पर पचास करोड़ रुपये खर्च होंगे। रामपुर से 26 किलोमीटर तक किन्नौर रोड किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार निगम के बेड़े में 250 नई बसें शामिल करेगी। रोड सेफ्टी को लेकर धर्मशाला में कार्यशाला होगी। कहा कि दुर्घटनाग्रस्त बस पांच साल पुरानी थी। इसकी पासिंग 22 अगस्त तक थी। बाली अधिकारियों के साथ घटना स्थल पर भी गए।
चालकों की मनमानी रोकने को सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की सेवाएं लेंगे
परिवहन मंत्री ने कहा कि बस चालकों की मनमानी रोकने को सरकार के पास अधिकारियों की सीमित संख्या है। ऐसे में हर जगह इनकी मनमानी पर निगरानी रखना संभव नहीं है। इसके लिए अब सोशल मीडिया से जुड़े लोगों खासकर रिटायर लोगों, युवाओं और महिलाओं की सेवाएं लेंगे।
ये अगर मौके पर वीडियो बनाकर भेेजेंगे तो उस पर सरकार संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करेगी। कहा कि मोटर वाहन एक्ट के तहत बस चालक मोबाइल फोन सुनना तो दूर अपने पास मोबाइल भी नहीं रख सकता। दुर्घटनाग्रस्त बस के चालक के पास मोबाइल भी था।