हालांकि, जवाब में यह भी उल्लेख किया गया कि 1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026 तक ओवरडोज से मौत का कोई मामला सरकार के संज्ञान में नहीं आया है। प्रदेश में नशे से संबंधित कुल 6,246 मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस समस्या की व्यापकता को दर्शाते हैं। पुलिस द्वारा 5,684 मामलों में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा 19 मामलों में रद्द रिपोर्ट दाखिल की गई, 57 मामले अब तक अनट्रेस्ड हैं और 486 मामले अभी भी जांच के अधीन हैं। सबसे चिंताजनक पहलू न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति और कम सजा दर है। अदालतों में विचाराधीन मामलों में से अब तक केवल 108 मामलों में ही सजा हो पाई है, जबकि 139 मामलों में आरोपित बरी हो गए। इसके विपरीत, 5,437 मामले अभी भी न्यायालयों में लंबित हैं।