वहीं, विदेश की पत्नी निंटा देवी सूचना मिलने के बाद बेसुध हैं। विदेश का सात साल पहले विवाह हुआ था, लेकिन अभी तक उनकी कोई संतान नहीं है। दादा केशू राम (90) अपने पोते के शहीद होने की खबर से सदमे में हैं।
हिमखंड की चपेट में आने से पहले शहीद विदेश कुमार ने मां पुष्पा देवी काे फोन कर बताया था कि वे जल्द छुट्टी लेकर घर वापस लौटेंगे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि ऐसी खबर सुनने को मिलेगी। विदेश 20 फरवरी को सेना के छ जवानों के साथ हिमंखड में दब गए थे।
विदेश के चाचा सुरेश कुमार 7 डोगरा रेजिमेंट से सेवानिवृत्त हुए हैं। बडे़ भाई दिनेश कुमार महार रेजिमेंट 6 बटालियन सियाचिन पर तैनात थे। वहां से एक माह पहले सेवानिवृत्त हुए हैं।