हिमाचल के राज्य पशु बर्फानी तेंदुए का कुनबा बढ़ने लगा है। यह हिमाचल के लिए राहत की बात है। जून माह तक विलुप्त हो रहे इन जानवरों की कुल संख्या 54 दर्ज की गई है। स्नो लेपर्ड योजना के तहत सूबे में इनकी गणना की जा रही है। इसी के तहत विश्व धरोहर साइट ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कुल्लू में 30 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
बीते दिनों इन कैमरों में कुछ शावक अठखेलियां करते हुए दिखाई दिए हैं। सीसीटीवी कैमरों में इनकी हलचल कैद होने से पार्क प्रबंधन हरकत में आ गया है। पीसीसीएफ वन्य जीव डॉ. सविता कहती हैं कि देश-दुनिया के वन्य प्राणी प्रेमियों के लिए यह खुशखबरी है। 1700 वर्ग किमी में फैले ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में अरसे से बर्फानी तेंदुए की मौजूदगी के सुबूत मिल रहे थे।
इस बात को पुख्ता करने के लिए वन विभाग ने नेचर कंजरवेशन फाउंडेशन के साथ मिलकर कुल्लू और लाहौल में 50 सीसीटीवी कैमरे विभिन्न जगहों पर लगाए हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में पार्क के अंदर में लगाए गए 30 कैमरों की जांच की गई तो उसमें बर्फानी तेंदुए की हलचल कैद हुई है। इसके बाद वाइल्ड लाइफ विंग अन्य जगहों पर लगाए गए कैमरों की जांच कर रहा है। तीर्थन घाटी सहित सैंज, जीवानाला, खीर गंगा आदि क्षेत्रों में यह सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं।
बर्फानी तेंदुए 3500 से 4000 मीटर की ऊंचाई पर रहते हैं। लेकिन कई बार बर्फबारी के दौरान निचले क्षेत्रों में भी आ जाते हैं। विभाग सभी फुटेज खंगालने के बाद जांच करेगा कि शावकों की कुल संख्या कितनी है। आंकड़ों पर गौर करें तो विश्वभर में बर्फानी तेंदुओं की संख्या 5000 से भी कम है। जबकि भारत में इनकी संख्या महज 300 से 500 तक है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की प्रारंभिक जांच में अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। पार्क में बर्फानी तेंदुए की हलचल कैमरे में कैद हुई है। अब अन्य कैमरों को खंगाला जाएगा और टीम यह जानने का प्रयास करेगी कि पार्क में कितने बर्फानी तेंदुए हैं।
-अजीत कुमार अरण्यपाल, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क
स्नो लेपर्ड परियोजना के तहत प्रदेश के 155 स्थानों पर अब तक 54 बर्फानी तेंदुओं की गिनती की गई है। स्नो लेपर्ड की गणना के अलावा उनके रहने के स्थानों को चिह्नित कर उनके संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
-डॉ. सविता, पीसीसीएफ वन्यजीव