प्रदेश के स्कूलों को अब छात्रों की संख्या के अनुसार कंपोजिट ग्रांट मिलेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के डाइट कार्यालयों को पत्र भेजा है। अब स्कूलों को पूर्व निर्धारित राशि नहीं, बल्कि बच्चों की संख्या के आधार पर निर्धारित राशि मिलेगी। पहले शिक्षा विभाग सभी स्कूलों को एक समान ग्रांट जारी करता था। इससे कम संख्या वाले स्कूलों में राशि खर्च नहीं हो पाती थी।
अधिक संख्या वाले स्कूलों में राशि कम पड़ जाती थी। फील्ड से मिली रिपोर्ट के बाद अब विभाग ने बच्चों की संख्या के आधार पर आरएमएसए और एसएसए की ग्रांट जारी करने का निर्णय लिया है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 में बच्चों की संख्या के आधार पर स्कूलों को ग्रांट जारी की जा रही है।
बच्चों की संख्या के आधार पर ग्रांट जारी होने से स्कूलों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होने की भी संभावना है। शून्य से 15 तक संख्या वाले स्कूलों 12500 रुपये, 15 से 100 संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार रुपये, एक सौ से ढाई सौ तक की संख्या वाले स्कूलों को 50 हजार रुपये और ढाई से एक हजार रुपये तक संख्या वाले हाई एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को 75 हजार रुपये ग्रांट दी जाएगी।
पहले सभी स्कूलों को 50 हजार रुपये ग्रांट जारी होती थी। उधर, डाइट प्रधानाचार्य हमीरपुर स्थित गौना करौर राजिंद्र पाल ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र से आरएमएसए और एसएसए के फंड स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर दिए जा रहे हैं। पहले वर्ष में इन ग्रांट के तहत सभी स्कूलों के लिए एक समान राशि निर्धारित थी।