यगु की दादी के के आंसू तेरह दिन बाद भी नहीं थम रहे है शिमला के डाउन डेल में यगु की दादी रोती हुई
- फोटो : SHIMLA CITY
शिमला। शहर के डाउनडेल इलाके में तेंदुए का शिकार हुए पांच साल के मासूम योगराज की आत्मा की शांति के लिए बुधवार को पूजा करवाई गई। मासूम के घर के अलावा जंगल में उस जगह भी पूजा करवाई गई, जहां बच्चे के अवशेष मिले थे।
बेटे की याद में माता-पिता काफी भावुक दिखे। वहीं, दादी भी पोते की याद में रो पड़ी। भावुक हुई दादी कौशल्या देवी ने बताया कि दिवाली की रात पोते यगु (योगराज) ने खाने के लिए रोटी पर चीनी-घी मांगा था। इससे पहले कि उसे खाने को देते, तेंदुआ उठाकर ले गया। अब तेरह दिन से रोज रोटी पर घी-चीनी रखकर बाहर रख देती हूं। कहा कि जो उनके साथ हुआ, वह किसी के साथ न हो। दादी ने कहा कि पोते की की बहुत याद आती है।
योगराज के दादा संसार चंद ने कहा कि तेंदुए को पकड़ा जाना चाहिए। लेकिन वन विभाग ने जंगल में पिंजरे लगाने की बजाय उनके घरों के आगे-पीछे पिंजरे लगा दिए हैं। सवाल उठाए कि क्या तेंदुआ जंगल की बजाय यहां आएगा। घटना की रात योगराज अपने जिस रिश्तेदार के बच्चे के साथ खेल रहा था, वह भी बुधवार को माता पिता के साथ यहां आया। इस बच्चे के पिता चेतराम ने कहा कि आदमखोर तेंदुए को पकड़ने की बजाय मार देना चाहिए।
कनलोग में पीड़ित परिवार को मुआवजा जारी
कनलोग में पांच अगस्त की रात तेंदुए का शिकार हुई छह साल की बच्ची के परिजनों को वन विभाग ने मुआवजे की बाकी राशि भी जारी कर दी है। अभी फौरी राहत के तौर पर बच्ची की दादी को एक लाख रुपये दिए गए थे। अब बुधवार को बाकी तीन लाख रुपये भी जारी हो गए हैं। विभाग का कहना है कि एक दो दिन में इसका पैसा खाते में पहुंच जाएगा।