चीन की सीमा तक सेना की पहुंच आसान हो, इसको लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर है। इसी को देखते हुए सामरिक ग्रांफू-काजा-समदो सड़क की न केवल हालत सुधारी जा रही है, बल्कि इसे डबललेन भी बनाया जा रहा है। ग्रांफू-काजा हाईवे-505 के समदो तक डबललेन बनने से भारतीय सेना चीन बॉर्डर पर स्थित समदो तक महज चार घंटे में पहुंच सकेगी। अभी 211 किमी के सफर को तय करने में सात घंटे लगते हैं। करीब 1,400 करोड़ रुपये की लागत से डबललेन बनने वाली 203 किमी ग्रांफू-काजा-समदो सड़क का काम चार चरणों में होगा। इसमें बातल से लोसर और लोसर से काजा के बीच दो चरणों का निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन ने शुरू कर दिया है। इसकी दूरी करीब 90 किलोमीटर है।
ग्रांफू-काजा-समदो-505 सामरिक मार्ग को डबललेन करने पर 1,400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 2026 तक काम पूरा हो जाएगा। इसे भारतीय सेना के साथ पर्यटन को भी पंख लगेंगे। -रवि ठाकुर, विधायक लाहौल-स्पीति