हिमाचल प्रदेश पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों ने सोमवार सुबह 10:00 बजे अपनी मांगों को लेकर पशु निदेशालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। पंचायत पशु चिकित्सा सहायक दो साल का अनुबंध पूरा होने के बाद सरकार से उन्हें रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश पंचायत पशु चिकित्सा सहायक संघ ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संघ के नेताओं ने अपनी मांगों के लेकर पशुपालन विभाग के निदेशक प्रदीप शर्मा को ज्ञापन भी दिया।
संघ के महासचिव छवि राम वर्मा ने कहा कि सरकार ने पहले भी हमें अनुबंध पर रखा था और अब दोबारा दो साल के अनुबंध में करने की बात कह रही है। इससे पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार ने दो बैच रेगुलर कर दिए हैं और तीसरे बैच के 350 कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना है कि निदेशालय का घेराव मजबूरी में करना पड़ा है। उनका कहना है कि दो बैच के पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों को पुरानी नीति के तहत रेगुलर किया जा चुका है।
इसी नीति के तहत उनको भी रेगुलर किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो ठोस नीति बनाकर स्थायी किया जाए। वर्मा ने कहा कि प्रदेश के अन्य विभागों में जिस तरह अनुबंध कर्मचारियों को 17,300 रुपये मानदेय दिया जाता है, उसी तरह से उनको भी बराबर मानदेय दें। वर्तमान में पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों को 12,910 रुपए मानदेय दिया जाता है। उधर, निदेशक पशुपालन प्रदीप शर्मा ने कहा कि संघ के नेता उनसे मिले हैं। उनसे कहा गया है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों को रेगुलर कर रही है। उनकी बारी आते ही उनको भी राहत दी जाएगी।