मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार विशेष बच्चों का उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी और निजी क्षेत्र में आरक्षण का कोटा बढ़ाने पर विचार करेगी। राज्य सरकार का यह दायित्व बनता है कि विशेष रूप से सक्षम बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित बनाया जाए। वीरभद्र सिंह ने विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार ऐसे गैर सरकारी संगठनों को पूर्ण सहयोग देगी, जो ऐसे लोगों की सेवा उन्हें शिक्षा और स्वरोजगार के लिए तैयार करने में समर्पित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए और अधिक संस्थान एवं स्कूल खोले जाएंगे। सरकार ऐसे स्कूलों में प्रशिक्षित अध्यापकों की तैनाती को सुनिश्चित बनाएगी। सीएम वीरभद्र सिंह शिमला के रिज मैदान पर शनिवार को विश्व विकलांगता दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।
सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे चाहते हैं कि विशेष रूप से सक्षम बच्चों को भी विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध हों और उन तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और वे एक सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि कोई भी विशेष रूप से अक्षम बच्चा शिक्षा और प्रशिक्षण से वंचित नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया। उन्होंने ऐसे होटल मालिकों की सराहना की, जिन्होंने विशेष रूप से सक्षम बच्चों को रोजगार प्रदान किया है। उन्होंने रोटरी क्लब, राज्य रेडक्रास सोसायटी और ऐसे बच्चों की सेवा में लगे गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की।
मंदिर न्यासों में भी दी जाएगी तीन फीसदी नौकरी
पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा कि सरकार के अधीन सभी मंदिर न्यासों को कहा गया है कि वे चिन्हित करें कि विशेष व्यक्तियों को तीन प्रतिशत नौकरियां प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि शिमला तथा कुल्लू जिले के विभिन्न
होटलों में आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में 48 विशेष लड़कों और लड़कियों की भर्ती की गई है। अगले चरण में दृष्टिबाधित, ऑर्थोपेडिकली और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को भी उपयुक्त नौकरी दिलाई जाएगी।
पंजाब सीमा पर संदिग्धों के जाने के बाद हिमाचल में अलर्ट
हिमाचल की पंजाब सीमा पर संदिग्धों के देखे जाने पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में अलर्ट घोषित है। उन्होंने कहा कि सीमा पर चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।