फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: हर्बल पौधों की खुशबू से महकेंगे सरकारी स्कूल, 136 गार्डन बनेंगे

Tue, 10 May 2022 02:42 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सरकारी स्कूल जल्द ही हर्बल पौधों की खुशबू से महकेंगे। आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड ने प्रदेश सरकार को स्कूलों में हर्बल गार्डन बनाने का प्रस्ताव भेजा है। चयनित किए जाने वाले स्कूलों में हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए मंत्रालय की ओर से बजट जारी किया जाएगा। 
विज्ञापन
हर्बल पौधे(सांकेतिक) - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 हिमाचल प्रदेश के 136 स्कूलों में हर्बल गार्डन बनाए जाएंगे। प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र के दो-दो स्कूलों में गार्डन विकसित करने के लिए आयुष मंत्रालय धनराशि देगा। 500 वर्ग मीटर की भूमि वाले स्कूलों को इसमें प्राथमिकता मिलेगी। चयनित स्कूल के प्रबंधन को दस वर्ष तक इसकी देखभाल करनी होगी। सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों से पात्रता पूरी करने वाले स्कूलों का ब्योरा देने के लिए कहा है।

विज्ञापन


सरकारी स्कूल जल्द ही हर्बल पौधों की खुशबू से महकेंगे। आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड ने प्रदेश सरकार को स्कूलों में हर्बल गार्डन बनाने का प्रस्ताव भेजा है। चयनित किए जाने वाले स्कूलों में हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए मंत्रालय की ओर से बजट जारी किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर अन्य स्कूलों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिन स्कूलों में बाउंड्री वॉल लगी होगी और जहां सिंचाई की व्यवस्था होगी। उन स्कूलों को योजना में शामिल करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। 

प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो स्कूल का चयन करना अनिवार्य किया गया है। दस वर्षों तक हर्बल गार्डन की देखभाल करने की शर्त पर मंत्रालय की ओर से बजट दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्रालय का प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उप निदेशकों को हर्बल गार्डन विकसित करने की संभावनाओं को लेकर जानकारी देने को कहा है। जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निदेशालय की ओर से स्कूलों की सूची प्रदेश के आयुष मंत्रालय को भेजी जाएगी।
विज्ञापन


हर्बल गार्डन बनाने का ये होगा फायदा
विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को औषधीय पौधों की जानकारी आसानी से मिलेगी। औषधीय पौधों जैसे मीठा नीम, पत्थरचट्टा, आंवला, तुलसी आदि से विभिन्न बीमारियों का घरेलू उपचार भी विद्यार्थी सीख सकेंगे। योजना के तहत कदम्ब, अशोक, अर्जुन, भृंगराज, मुलैठी, वर्जदंती और सर्पगंधा जैसे पौधे रोपे जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें