हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। स्कूलों में अब किताबों की कमी से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। हर साल स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से स्कूलों को जारी होने वाली मुफ्त किताबों की सप्लाई में देरी हो जाती है।
इससे नया सत्र शुरू होने के दो या तीन महीने तक स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पुराना सत्र समाप्त होते ही स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छात्रों से किताबें वापस ले ली जाएंगी और अगले सत्र में यही किताबें उसी कक्षा के नए छात्रों में आवंटित कर दी जाएंगी। प्रदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों को यह निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जब तक स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से नई किताबों की खेप नहीं भेजी जाती है, तब तक पुरानी किताबों से ही स्कूलों में पढ़ाई करवाई जाएगी। नई किताबें आते ही छात्रों में इन्हें आवंटित कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की इस पहल से अब स्कूलों में किताबों के बिना पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या नहीं रहेगी।
इन आदेशों में स्कूल प्रमुखों को छात्रों से एकत्र की गई पुस्तकों को नए सत्र में छात्रों में वितरित करना सुनिश्चित करने और पहले दिन से शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चलाए जाने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने जिला शिमला के सभी स्कूल प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापकों और सेंटर हेड टीचर्स को आदेश जारी किए हैं कि पिछले सत्र में वितरित की गई पाठ्य पुस्तकों को छात्रों से वापस लिया जाए।
ताजा निर्देशों के अमल में आने पर छात्रों और अभिभावकों को स्कूल शिक्षा बोर्ड से किताबों की सप्लाई आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसका लाभ प्राइमरी, माध्यमिक तथा हाई स्कूलों के छात्रों को मिलेगा।
स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से छात्रों को मुफ्त किताबों की सप्लाई सभी जिलों को की जाती है, लेकिन हर बार स्कूलों में किताबें देरी से पहुंचती है। इससे स्कूलों में दो-तीन माह तक पढ़ाई प्रभावित होती है।