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शिक्षकों की कमी पर स्कूली बच्चों ने उठाया बड़ा कदम, प्रशासन के उड़े होश

Wed, 23 May 2018 12:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चांजू (चंबा)
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सरकार अभिभावकों से उनके बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की बातें करती है, लेकिन सरकारी स्कूलों में कहीं शिक्षक तो कहीं भवन ही नहीं हैं। शिक्षकों की कमी से नाराज होकर ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने पहले स्कूल में मिलने वाला मिड-डे मील का खाना छोड़ा, उसके बाद अब एक सप्ताह से कक्षाओं का बहिष्कार कर स्कूल आना ही बंद कर दिया है। 

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यहां पढ़ने वाले करीब 250 स्कूली बच्चों ने साफ कहा कि वे 9-30 किलोमीटर दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन स्कूल में आठ शिक्षक न होने के चलते बिना पढ़ाई किए घर लौटते हैं। ऐसे में अब जब तक शिक्षक नहीं होंगे, वे स्कूल नहीं आएंगे। इसकी पुष्टि एसएमसी अध्यक्ष ढील राम डोगरा ने भी की है।

हालांकि बच्चों के कक्षाओं में न पहुंचने से तैनात स्टाफ नियमित स्कूल पहुंच रहा है। वर्तमान में स्कूल में प्रिंसिपल के अलावा एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। पीजीटी राजनीतिक शास्त्र अनुबंध पर हैं, जबकि टीजीटी आर्ट्स व टीजीटी नॉन मेडिकल एसएमसी के तहत रखे गए हैं। एसएमसी ने शास्त्री और पीटीआई शिक्षक अपने स्तर पर नियुक्त किए हैं। जमा एक और दो के लिए मात्र एक ही शिक्षक है।

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ये पद चल रहे हैं खाली

टीजीटी मेडिकल, टीजीटी आर्ट्स, भाषा अध्यापक, कला अध्यापक, पीजीटी अंग्रेजी, पीजीटी हिंदी, पीजीटी इतिहास और पीजीटी आईटी सहित आठ शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इसके बारे में कई बार एसएमसी प्रबंधन और विद्यालय मुखिया ने शिक्षा विभाग को अवगत करवाया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ

9 से तीस किलोमीटर दूर से पढ़ने आते हैं बच्चे, नहीं होती पढ़ाई- बच्चों के अभिभावक दूनी चंद, हरि सिंह, ब्यास देव, ढील राम, केतकी देवी, पारो देवी, लोकी नंद, गुरुदेव, रुमाल सिंह, चैन लाल ने बताया कि अध्यापकों के पद रिक्त होने की सूरत में बच्चों को संपूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है। क्षेत्र के कई बच्चे यहां पढ़ाई करने के लिए नौ से 30 किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचते हैं, मगर शिक्षकों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। 
 
बघेईगढ़ स्कूल में अध्यापकों के आठ पद खाली पड़े हैं। इसके बारे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। -अशोक धीमान, कार्यवाहक उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग
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