सूत्र बताते हैं कसौली में गोलीकांड से कुछ समय पहले टीसीपी मुख्यालय से टाउन प्लानरों को एक इंस्ट्रक्शन जारी की जाती है।इसमें कहा गया कि टीसीपी नियमों में कार्रवाई अमल में लाई जाएं।
टीसीपी नियमों में निर्माण के दौरान 10 फीसदी तक डेबिएशन को स्वीकृति किया जा सकता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब एनजीटी ने अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए है तो विभाग की ओर से इंस्ट्रक्शन जारी करने की क्या जरूरत पड़ी?
बताया जा रहा है कि जब अफसर मौके पर कार्रवाई कर रहे थे तो उस समय गोली चलाने वाला आरोपी भी सहायक टाउन प्लानर को इसी तरह के कागजात दिखा रहा था।
उधर, टीसीपी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि एनजीटी में 25 तारीख को स्टेट्स रिपोर्ट सौंपी जानी है। ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है।