हिमाचल सरकार ने धूमल सरकार में उनके प्रधान निजी सचिव रहे आईएएस अफसर आरएस गुप्ता के सेवानिवृत्ति लाभ रोक दिए हैं।
गुप्ता 28 फरवरी को रिटायर हुए थे। कार्मिक विभाग से महालेखाकार (एजी) कार्यालय भेजे गए उनके दस्तावेजों में केवल प्रोविजनल पेंशन देने को कहा गया है।
ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और कम्यूटेशन आदि पर रोक लगा दी है। ऐसा करने के लिए सरकार ने गुप्ता को चार्जशीट करने के केस को एचपीसीए पर दर्ज एफआईआर से जोड़ दिया है।
कांग्रेस सरकार ने अनुराग ठाकुर की एचपीसीए को पद का दुरुपयोग कर लाभ देने के आरोपों पर 26 जुलाई को पूर्व प्रधान सचिव (राजस्व) दीपक सानन और पूर्व डीसी कांगड़ा आरएस गुप्ता को चार्जशीट किया था।
इस चार्जशीट पर संबंधित दोनों अफसरों के जवाब देने के बावजूद आज तक कोई फैसला नहीं हुआ।
सूत्र कहते हैं कि आरएस गुप्ता ने कार्मिक विभाग को रिप्रेजेंटेशन भेजा है।
इसमें कहा है कि चार्जशीट केस में सीवीसी के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
यदि उन्हें अपने सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिले तो संबंधित अफसरों से ब्याज की रिकवरी करवाएंगे। वह कोर्ट जा रहे हैं।