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हिमाचल की सड़कों पर नहीं दौड़ पाएंगे ये डीजल वाहन

Fri, 02 Dec 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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प्रदेश में भी दिल्ली की तरह अब भारी डीजल वाहनों की आयु तय होगी। यानी, एक आयु पूरी करने के बाद वे भारी डीजल वाहन हिमाचल की सड़कों पर नहीं दौड़ पाएंगे। इससे देवभूमि की आबोहवा प्रदूषण रहित होने के साथ दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि प्रदेश में चलने वाले भारी डीजल वाहनों की आयु तय करने को कमेटी का गठन किया है।
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इसमें पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग तथा ट्रांसपोर्ट यह निर्धारित करेंगे कि भारी डीजल वाहनों की आयु कितनी हो। कमेटी 45 दिन में रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। बाली ने यह बात धर्मशाला में राज्य परिवहन विकास एवं सड़क सुरक्षा परिषद की तृतीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

सड़कों पर वाहनों के चालान आदि से एकत्रित होने वाली राशि का 50 प्रतिशत भाग सड़क सुरक्षा पर खर्चा जाएगा। रोड सेफ्टी रन कांगड़ा जिला में फरवरी में होगी। व्यावसायिक वाहन चलाने वाले चालकों के कल्याण को सरकार कल्याण कोष बनाएगी। बैठक की
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कार्यवाही का संचालन परिवहन विभाग के निदेशक सुनील चौधरी ने किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण एवं परिवहन नरेंद्र चौहान, प्रबंध निदेशक एचआरटीसी अशोक तिवारी, उपायुक्त सीपी वर्मा, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश कुमार गंजू आदि उपस्थित थे।

हिमाचल की सड़कों पर किराए पर मिलेगी बाइक

बाली ने कहा कि प्रदेश में बाइक टैक्सी ‘रेंट अ बाइक’ योजना चलाने के संदर्भ में भी नियम बना लिए गए हैं। प्रदेश में शीघ्र इस योजना को लागू किया जाएगा। प्रदेश में डिजिटल वाहन लाइसेंस का काम जोरों पर है। 

बद्दी, कांगड़ा में बनेंगे निरीक्षण एवं प्रमाणीकरण केंद्र
मंत्री ने बताया कि 14 करोड़ से बद्दी में वाहनों को जारी किए जाने वाले फिटनेस प्रमाण पत्रों के लिए निरीक्षण एवं प्रमाणीकरण केंद्र स्थापित किया जायेगा। इस प्रकार का संस्थान जिला कांगड़ा में भी स्थापित किया जाएगा। 

प्रदेश में 300 ब्लैक स्पॉट चिह्नित
बाली ने बताया कि सरकार ने 300 ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है। इस पर शीघ्र कार्य किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न मुख्य मार्गों पर स्थापित होर्डिंग्स को उचित दूरी पर स्थानांतरित करने के संदर्भ में विभिन्न विभागों एवं अन्यों को निर्देश जारी किए जाएं। राष्ट्रीय मानकों के अनुसार होर्डिंग्स मुख्य मार्गों से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थापित हों।
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रोड सेफ्टी अथॉरिटी बिल लाएगी सरकार: बाली

देवभूमि की सड़कों पर दुर्घटनाओं में अनमोल जिंदगियां न जाएं, इसके लिए हिमाचल सरकार सड़क सुरक्षा पर केरल मॉडल अपनाएगी। हिमाचल सरकार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केरल राज्य के मॉडल की तर्ज पर रोड सेफ्टी प्राधिकरण बिल लाकर आगामी बजट सत्र में इसे मूर्तरूप देकर प्रदेश भर में इसे लागू करने जा रही है। इसका खुलासा परिवहन मंत्री जीएस बाली ने धर्मशाला में आयोजित राज्य परिवहन विकास एवं सड़क सुरक्षा परिषद की तृतीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए किया।

बाली ने कहा कि रोड सेफ्टी प्राधिकरण के पास कई शक्तियां होंगी, जिनके तहत वह दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाएगा। रोड सेफ्टी प्राधिकरण सड़क की गुणवत्ता, उसकी स्ट्रेंथ आदि जांचेगा। सड़कों की स्थिति जांचकर रोड सेफ्टी प्राधिकरण आकलन कर सड़क सुरक्षा पर बजट जारी करेगा। बताया कि रोड सेफ्टी ऑडिट भी समय-समय पर हो, इस दिशा में भी बैठक में निर्णय लिया गया है। इस पर लोक निर्माण विभाग एवं रोड सेफ्टी काउंसिल काम करेगी।

कहा कि अगले दो माह में हिमाचल में रोड सेफ्टी पॉलिसी दस्तावेज लेकर आएंगे। इस अवधि में हिमाचल की रोड सेफ्टी पॉलिसी तैयार कर ली जाएगी। रोड सेफ्टी पर हर वर्ष चार बैठकें आयोजित करना सुनिश्चित किया जाएगा।  बाली ने कहा कि प्रदेश और राज्य के बाहर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के वाहन लाइसेंस विभिन्न परिस्थितियों में तीन

माह के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, बार-बार सड़क नियमों का उल्लंघन करने पर इस अवधि को ओर बढ़ाने पर भी गुरेज नहीं किया जाएगा। गाड़ी की पासिंग के समय वाहन चालकों की आंखों का चिकित्सा परीक्षण करवाना भी अनिवार्य किया जाएगा।
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