रोहतांग दर्रा पार करने वाले वाहनों के लिए लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने सुबह दस से दोपहर तीन बजे तक का समय निर्धारित किया है। 15 नवंबर के बाद से रोहतांग दर्रा अधिकारिक रूप से बंद हो जाता है।
इस बार सुरक्षा मंत्रालय के आदेश के बाद दर्रे को दिसंबर तक बहाल रखा गया है। टॉप पर पानी के जमने से फिसलन है। ऐसे में हादसा न हो, इसके लिए यह कदम उठाया है।
उपायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि कोकसर और मढ़ी से आगे सुबह दस बजे से पहले और दोपहर दो बजे के बाद किसी भी वाहन को न आने दिया जाए।
इधर, उपायुक्त लाहौल-स्पीति हंसराज चौहान का कहना है कि उक्त फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है। सुबह-शाम रोहतांग में पानी जम जाता है।
उल्लेखनीय है कि केलांग डिपो से इस रूट पर दो बसें केलांग से कुल्लू की ओर आ रही हैं, जबकि दो बसें नियमित रूप से लाहौल के लिए भी भेजी जा रही हैं।