हिमाचल सरकार सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए नए साल से पांच शहरों में सरकारी ड्राइविंग स्कूल खोलने जा रही है। इन संस्थानों में कोई भी प्रशिक्षण ले सकता है। सरकार उनको बाकायदा सर्टिफिकेट देगी। केंद्र सरकार की कौशल विकास योजना के तहत इनके निर्माण पर 6.08 करोड़ की राशि खर्च होगी।
सरकार प्रशिक्षण लेने वालों को भत्ता भी देगी। शिमला के तारादेवी और बिलासपुर में इन चालक प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जनवरी माह से यहां प्रशिक्षण शुरू हो सकता है। इसके अलावा बद्दी, मंडी और कुल्लू में इनके लिए बजट जारी कर दिया है।
परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि इन आधुनिक चालक प्रशिक्षण संस्थानों में लगभग 35 लाख रुपये की लागत से ट्रेनिंग ट्रैक का निर्माण होगा। प्रशिक्षण के लिए वाहनों की खरीद की जाएगी। साथ ही हर संस्थान में पुस्तकालय भी बनाए जा रहे हैं। इसमें प्रशिक्षु चालकों इससे जुड़ी किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी। संस्थानों में विभिन्न उपकरण भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कई प्रभावी कदम उठा रही है। इसके तहत ढांचागत विकास के साथ-साथ वाहन चालकों की क्षमताओं का विकास करने के लिए प्रदेश में प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ किया जा रहा है।