राज्यपाल ने किया शिपकिला का दौरा
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने तीन दिवसीय किन्नौर दौरे में मंगलवार को 13,000 फीट की ऊंचाई पर शिपकिला स्थित सेना और भारत-तिब्बत सीमा बल की चौकी का दौरा किया। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल भी उनके साथ रहीं। सेना के अधिकारियों ने राज्यपाल को सीमा की सैन्य व्यवस्था से अवगत करवाया। राज्यपाल का शिपकिला का यह पहला दौरा रहा। राज्यपाल ने कहा कि वह जवानों के उत्साह से प्रभावित हुए हैं। यहां जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि देश के हर कोने से जवान यहां तैनात हैं, जिनका एक ही धर्म है, देश की सुरक्षा। इन वीर सैनिकों के कारण ही हम सुरक्षित हैं। उन्होंने इन्हें देश का सुरक्षा चक्र कहा। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वे उनके बीच हैं। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, कमांडर ब्रिगेडियर आरपीसिंह, उपायुक्त तोरूल रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, शिपकिला सैन्य पोस्ट के हेड, आईटीबीपी के एसीजीडी विनोद कुमार भारती इस दौरान मौजूद रहे।
नाको और लियो गांव का दौरा भी किया
वहीं, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल के साथ वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत किन्नौर जिला के नाको और लियो गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की। लियो गांव में राज्यपाल ने कहा कि किन्नौर जिला के 55 गांव वाइब्रेंट विलेज में शामिल किए गए हैं। इन गांवों में विकास को गति देने के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें सीमावर्ती गांव, जिन्हें वाइब्रेंट विलेज कहा जाता है जाने का आग्रह किया था। ऐसे गांव में सुविधाएं देने का काम भारत सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों प्राकृतिक आपदा के कारण उन्हें यहां का दौरा रद्द करना पड़ा था। स्थानीय लोगों की सड़क संबंधी मांगों को हल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। माननीय उच्च न्यायालय की बाध्यता नहीं होगी तो नोतोड़ और एफआरए मामलों को उचित स्तर पर बातचीत कर हल करने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। इससे पूर्व राज्यपाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। यह प्रदर्शनी फुलसुम खंडी व निरूप स्वयं सहायता समूह की ओर से लगाई गई थी। इस दौरान राज्यपाल ने लोक कलाकारों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनंद लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक किन्नौरी वेशभूषा में लोक नृत्य पेश किया।