राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मंगलवार को ऊना जिले में नशे के खिलाफ महाअभियान की शुरुआत की। उन्होंने हरोली से कांगड़ तक आयोजित ब्रिस्क वॉक (तेज चाल) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में हर वर्ग के लोग, विभाग तथा शिक्षण संस्थानों के बच्चे शामिल हुए। राज्यपाल ने नई पहल के साथ हरोली से करीब दो किमी तक पैदल यात्रा कर नशे के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया।
राज्यपाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं जिस भावना के साथ हिमाचल में नशे के खिलाफ अभियान चला रहा हूं। उसे शासन, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने मेरे इस अभियान को और बल दिया। इसके बाद ब्रिस्क वॉक के अंतिम पड़ाव कांगड़ में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल को नशामुक्त बनाना हम सबका दायित्व है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी उनसे देवभूमि में बढ़ते नशे को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इसी प्रायोजन से उन्होंने हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार से इस संबंध में कानून में संशोधन को लेकर वह बात करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की जेलों में करीब 3000 कैदी हैं, जिनमें से 40 प्रतिशत से अधिक का संबंध ड्रग के अपराध से है।
राज्यपाल ने नशे के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर 94180-64444 का शुभारंभ किया। पैदल यात्रा में कार्यकारी पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल, उपमुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री, उपायुक्त राघव शर्मा, एसपी अर्जित सेन ठाकुर शामिल रहे। नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्ति हमारा दुश्मन : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्यपाल के आह्वान पर उन्होंने हरोली से इस महायज्ञ की शुरूआत की है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह एक अंतरराष्ट्रीय लड़ाई है। नशे के अवैध कारोबार में कोई भी व्यक्ति संलिप्त है, वह चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, हमारा दुश्मन है। इसके लिए हर व्यक्ति को घर-घर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। अग्निहोत्री ने कहा कि नशे से जुड़े कानूनों में बदलाव लाने की आवश्यकता है। इसमें जमानत का प्रावधान नहीं होना चाहिए तथा ऐसे अवैध धंधे में संलिप्त व्यक्तियों की संपत्ति जब्त होनी चाहिए। इस संबंध में विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
नशे के खिलाफ योद्धा बनें युवा : अटवाल
कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने कहा कि जनसंख्या के हिसाब से पंजाब के बाद हिमाचल नशे के प्रचलन में दूसरे स्थान पर आ गया। यह चिंता का विषय है। इस गंभीरता को ध्यान में रखकर ही प्रदेश पुलिस ने ‘प्रधाव’ नाम से अभियान की शुरुआत की। इसके तहत 160 स्कूलों के करीब 16,000 विद्यार्थियों से ऑनलाइन चर्चा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वह नशे के खिलाफ योद्धा और प्रहरी बनकर कार्य करें। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री के बेटी कुमारी आस्था अग्निहोत्री ने भी नशे के खिलाफ इस अभियान पर अपने विचार रखे। इससे पूर्व ऊना के उपायुक्त राघव शर्मा ने जिला में नशे के खिलाफ किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की भी जानकारी दी।