विवादित टीसीपी संशोधन विधेयक को मंजूरी देने से पहले राजभवन की ओर से लगाई छह आपत्तियों में से एक का जवाब देने में प्रदेश सरकार फंस गई है। राजभवन ने सरकार से जानना चाहा है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध निर्माण सरकारी तंत्र की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
इसके लिए जिम्मेदार अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए सरकार ने क्या कदम उठाने का निर्णय लिया है? इस सवाल का जवाब देते नहीं बन रहा है। सूत्रों के अनुसार इसका गोलमोल जवाब तैयार किया है।
पहली आपत्ति पर राजभवन ने न्यायालय के आदेशों पर विचार करने की बात कही थी? सूत्र बताते हैं कि इसमें सरकार ने जवाब तैयार किया है कि 27 अगस्त 2016 को विधानसभा में बिल पास हुआ जबकि 29 अगस्त को हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया।