राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शुक्रवार को राजभवन में पद्मश्री से अलंकृत विद्यानंद सरैक को सम्मानित किया। राज्यपाल ने सरैक को परिवार सहित दोपहर भोज के लिए आमंत्रित किया था। राज्यपाल ने उन्हें प्रशस्ति पत्र, हिमाचली शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने उनकी धर्मपत्नी गीता सरैक को भी सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि यह हिमाचल के लिए गर्व की बात है कि विद्यानंद को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सरैक ने हिमाचली संस्कृति और सिरमौर की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत के संवर्द्धन के लिए सराहनीय कार्य किया है।
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उन्हें विश्वास जताया कि उनका यह प्रयास हिमाचली संस्कृति तथा लोक विद्याओं को नई ऊंचाइयों की ओर लेकर जाएगा। विद्यानंद सरैक ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी उच्च संस्कृति को आश्रय देने से समाज और देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार की सादगी और संस्कृति के संरक्षण में योगदान की चर्चा की। इस दौरान सरैक की पौत्री वंदना सरैक ने राज्यपाल के समक्ष लोक गीत की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सरैक के पुत्र ओम प्रकाश सरैक और रमेश सरैक भी मौजूद रहे।