राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शिक्षकों का नैतिकता का पाठ पढ़ाया। राजभवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक अच्छा इंसान बनने के लिए शिक्षा मुख्य आधार है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास का उद्देश्य एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना है, इसलिए शिक्षकों पर छात्रों में नैतिक मूल्यों का संचार करने की बड़ी जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जीवन में दोहरे चरित्र के साथ नहीं जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि अध्यापन एक पुनीत व्यवसाय है।
इसमें शिक्षकों को बेहद जिम्मेदारी के साथ अपने आचरण, चरित्र तथा विचारों से छात्रों को प्रभावित कर उन्हें ईमानदारी से कर्तव्यों को पालन करना सिखाना चाहिए। पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने शिक्षक समुदाय से और अधिक वचनबद्धता व समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक सक्षम हो तो वह छात्रों में अच्छे संस्कार संचारित कर सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे मासूम और अबोध होते हैं तथा जो भी गुण उनमें संचारित किए जाते हैं वे जीवन भर उनका अनुसरण करते हैं।
शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए ज्ञान व अध्ययन के उच्च उदाहरण स्थापित करने, अच्छे व्यवहार का चलन तथा आचरण में परिपूर्णता का आदर्श बनना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि विद्यार्थियों में देशभक्ति तथा देश के प्रति गर्व की भावना को संचारित करने के लिए उन्हें अपनी संस्कृति एवं गरिमापूर्ण इतिहास से अवगत करवाना चाहिए।