हिमाचल के राजभवन में आयोजित समारोह में साल 2017 के लिए 16 अध्यापकों को राज्य पुरस्कार तथा राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त चार अध्यापकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने उदयपुर के सुरेश कुमार विद्यार्थी, राजपुरा के अदित कंसल,
कियोलीधार के धर्मपाल, रिकांगपिओ के राकेश कुमार, थुरल के विजय भारत दीक्षित, कांगड़ा के जोगिंद्र पाल, पालमपुर की मनीषा कुमारी, लक्कड़ बाजार के प्रेम राज शर्मा, हलां के जगत राम शर्मा, ज्यूरी के हरिदास चौहान, सिचलिंग की छेरिंग गटुक,
धनगोटा के चौकस राम, चिलेज के हरि चंद, बड़योगी के दलीप सिंह चौहान, मट्टाहणी के जोगिंद्र सिंह तथा शरण कांडल के जय प्रकाश श्याम को राज्य पुरस्कारों से सम्मानित किया। राज्यपाल ने चार राष्ट्रीय पुरस्कृत शिक्षकों को भी सम्मानित किया।
सरकार ने शिक्षकों को दिया बड़ा तोहफा
इनमें भूमति के प्रधानाचार्य भूपेंद्र गुप्ता, पौड़ा कोठी के प्रधानाचार्य कृष्ण चंद, शोरशण के नरेश कुमार शास्त्री और सगिरठी के सीएचटी श्याम लाल शामिल हैं। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के तहत शिक्षकों को एक साल की एक्सटेंशन दी गई है।
जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुके शिक्षकों को दो साल की एक्सटेंशन दी जाएगी। प्रधान सचिव शिक्षा संजय गुप्ता ने इस अवसर पर सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया।
आरकेएमवी, पोर्टमोर की छात्राओं ने मचाया धमाल
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के अवसर पर मंगलवार को आरकेएमवी और पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं ने राजभवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह का आगाज राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्राओं ने वंदे मातरम और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से किया। कालेज की छात्राओं ने हिमाचल लोक गीतों पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इसके बाद पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं ने पहाड़ी नाटी की प्रस्तुति दी।
यह गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, मुख्य सचिव वीसी फारका, प्रधान सचिव शिक्षा संजय गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल विंटा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा एमएल आजाद सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।