राज्यपाल ने हर साल होने वाले इस कार्यक्रम को सफल रूप से करने के लिए अमर उजाला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लगभग सभी जिलों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर अमर उजाला मेधावियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें अन्य के लिए मिसाल के तौर पर पेश करता है। इससे बच्चों में और अच्छा करने की इच्छा जागृत होती है और प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा इस प्रकार के कार्यक्रम से मिलती है।
पुरस्कृत हो रहे मेधावियों में 80 फीसदी छात्राओं की संख्या पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि अमर उजाला लगातार इस तरह के प्रयास करता रहा है। उन्होंने कहा कि अपराजिता अभियान के जरिये भी अमर उजाला ने महिला सशक्तिकरण के लिए सार्थक प्रयास किया है।
राज्यपाल ने यह दी सीख
लक्ष्य निर्धारित करें, सफलता मिलेगी।
मस्तिष्क से ज्यादा दिल से काम लेना इस उम्र में रहता है नुकसानदायक।
माता-पिता से कभी किसी तरह की गलती को न छुपाना।
माता-पिता से बढ़कर हितकारी कोई नहीं हो सकता।
माता पिता और गुरु का हमेशा सम्मान करें।