राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने लोगों को बलि प्रथा बंद करने को कहा है। कुल्लू दशहरा उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में उन्होंने कहा, ‘किसी भी शास्त्र में ऐसा नहीं लिखा है। इसे लेकर वह शास्त्रार्थ के लिए खुली चुनौती देते हैं। अपनी जीभ के स्वाद के लिए किसी को मारना बंद करो। कोई भी देवता बलि के नहीं बोलता।
देवता देने वाला होता है। जान लेने वाला नहीं।’ राज्यपाल ने कहा कि बलि के नाम अपने स्वार्थ के लिए कुछ लोग समाज को भ्रमित कर रहे हैं। आज भाई अपने भाई का जमीन के टुकड़े के लिए कत्ल कर रहा है।
लेकिन वो भगवान राम थे, जिन्होंने मर्यादा के लिए वनवास स्वीकार किया। राम के आदर्श को युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। इस पर चिंतन करना होगा। उन्होंने कहा कि युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें नशे से बचाओ अन्यथा आने वाली पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी। बच्चों को संस्कारवान बनाएं।