तन से वे बेशक दिव्यांग हैं, लेकिन हौसला कम नहीं। जी हां, ऐसे ही दिव्यांग योद्धा साइकिल रैली पर पहाड़ नापने निकले हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शुक्रवार को मनाली में ऐसे दिव्यांग योद्धा साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का आयोजन सीमा सुरक्षा बल ने आदित्य मेहता फाउंडेशन के सहयोग से किया।
इस पैरा साइकिलिंग अभियान की अध्यक्षता आरके नेगी कमांडेंट, बीएसएफ इंस्टीट्यूट ऑफ एडवेंचर एंड एडवांस ट्रेनिंग कर रहे हैं। इस 34 सदस्यीय दल में बीएसफ के 13, सीआरपीएफ के 3 तथा आदित्य मेहता फाउंडेशन के 18 सदस्य हैं। यह रैली 583
किलोमीटर हिमालय की ऊंचाइयों से होते हुए 15 अगस्त को खारदुंगला पहुंचेगी। यहां प्रतिभागियों का केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजजू स्वागत करेंगे। इस अवसर पर आदित्य मेहता निदेशक, आदित्य फाउंडेशन, एसडीएम मनाली ज्योति राणा व अन्य मौजूद थे।
यह है साइकिल रैली का रूट
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मनाली से खारदुंगला को रवाना हुई सीमा सुरक्षा बल की साइकलिंग रैली रोहतांग दर्रा से होकर लाहौल घाटी में प्रवेश करेगी। रैली सिस्सू, गोंधला, केलांग, तांदी संगम, जिस्पा, सूरजताल,पटसेऊ, मेहंदीनगर, जिंगजिंगबार, बारालाचा, सरचू, मैदानी क्षेत्र पांग तथा लेह से होकर अंतिम पड़ाव खारदुंगला पहुंचेगी।
काम करने की इच्छा न रखने वाला विकलांग
राज्यपाल ने कहा हि इन वीर योद्धाओं के जज्बे को सलाम करते हैं, जिन्होंने कारगिल में बहादुरी का परिचय देने के पश्चात अब इस प्रकार के आयोजन का हिस्सा बनकर अन्यों के लिए प्रेरणा का काम किया है। राज्यपाल ने कहा कि मन में कुछ करने की प्रबल इच्छा हो तो साहस, हिम्मत, निर्भीकता व कौशल के साथ कोई भी व्यक्ति हर चुनौती से पार पा सकता है।
कहा कि वह व्यक्ति विकलांग है, जो शारीरिक रूप से पूर्ण विकसित होने के बावजूद भी काम करने की इच्छा न रखता हो। मौके पर सीमा सुरक्षा बल के सहायक महानिदेशक रजनी कांत मिश्रा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अनिल पालीवाल, आईजी बीएसएफ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।