हिमाचल के बागवानी और कृषि विश्वविद्यालयों के नए कुलपतियों पर अंतिम फैसला केंद्रीय कृषि अनुसंधान परिषद नहीं करेगी। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ही हिमाचल के बागवानी और कृषि विश्वविद्यालयों के नए कुलपतियों पर अंतिम फैसला लेंगे। भारत सरकार की केंद्रीय कृषि अनुसंधान परिषद ने राजभवन शिमला को कुलपतियों के पद के लिए योग्य उम्मीदवारों का पैनल भेजा है।
तीन दिन तक नई दिल्ली में स्क्रूटिनी के बाद प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए कुलपतियों के नामों के पैनल राजभवन शिमला भेजे गए हैं। राज्यपाल के सचिव पुष्पेंद्र राजपूत भी स्क्रूटिनी में शामिल होने के बाद शिमला लौटे हैं। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विवि नौणी और चौधरी सरवण कुमार कृषि विवि पालमपुर के कुलपतियों के पदों को मांगे आवेदनों की तीन, चार और पांच अगस्त को स्क्रूटिनी हुई।
नौणी विश्वविद्यालय के लिए 76 और पालमपुर के लिए 50 उम्मीदवारों के आवेदन पहुंचे थे। सूत्रों की मानें तो आवेदकों में छह पूर्व कुलपति भी शामिल हैं। इनमें हाल में टेन्योर पूरा कर चुके नौणी विवि के पूर्व कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर और पालमपुर विवि के पूर्व कुलपति केके कटोच के अलावा डॉ. तेजप्रताप, डा. पीके शर्मा, डा. एसी वार्ष्णेय और डॉ. आरके मित्तल हैं।