शिमला। हिमाचल सरकार ने 1.80 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन स्कीम (एसीपीएस) में बड़ा बदलाव किया है। एसीपीएस 8-16-24-32 या 4-9-14 के तहत सरकारी कर्मचारियों को अब अपने पूरे सेवाकाल में केवल तीन ही अपग्रेडेशन/इन्क्रीमेंट/प्रमोशन मिलेंगी।
इसके बाद कर्मचारी 9 अगस्त, 2012 को जारी संशोधित स्कीम के तहत अगले हायर ग्रेड का लाभ नहीं ले पाएंगे। प्रधान सचिव (वित्त) डा. श्रीकांत बाल्दी की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को इस बारे निर्देश जारी कर दिए हैं।
निर्देशों में साफ किया है कि तीन बार अपग्रेडेशन लेने के बाद भी कर्मचारी सामान्य प्रमोशन का लाभ ले सकेंगे। वित्त विभाग ने ये भी कहा है कि यदि किसी कर्मचारी को प्रमोशन और एसीपीएस दोनों मिलने वाले हों तो प्रमोशन ही मिलेगी।
हायर अपग्रेडेशन में भी झेलना होगा नुकसान
वित्त विभाग ने तर्क दिया है कि पुरानी 8-16-24-32 और नई 4-9-14 स्कीम का उदेश्य सरकारी कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में तीन प्रमोशन/अपग्रेडेशन देना है। ये लाभ मिलते रहेंगे।
इन निर्देशों से बड़ा बदलाव ये होगा कि वर्तमान में अगले हायर ग्रेड में भी अपग्रेडेशन का जो लाभ कर्मचारियों को मिल रहा था, वो नहीं मिलेगा।
प्रदेश सरकार ने सबसे पहले 1996 में 4-9-14 स्कीम को लागू किया था। 8 साल बाद इसमें ये बदलाव हुआ है। इसका मकसद खजाने पर बढ़ता बोझ कम करना है।
अभी तक ये मिलते थे लाभ
सरकारी विभागों में जिन पदों पर प्रमोशन के अवसर नहीं हैं, वहां कर्मचारियों को 4-9-14 स्कीम के तहत 4 साल, 9 साल और 14 साल के बाद उसी पद पर अगले पद का पे-स्केल या ग्रेड पे दे दिया जाता है।
हर साल हजारों कर्मचारियों को इस स्कीम से इन्क्रीमेंट मिलता है। अब ये होगा कि एक प्रमोशन को दो बेनिफिट गिना जाएगा और कुल 3 इन्क्रीमेंट ही पूरे सेवाकाल में मिलेंगी। अभी ये अगले कैडर में जाने पर भी मिलती थी।
कर्मचारी संगठनों ने किया विरोध
वित्त विभाग के नए सर्कुलर का सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने विरोध किया है। संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि टाइम स्केल के इस लाभ को बेहद संकुचित कर दिया गया है।
इससे कर्मचारियों को नुकसान होगा। खाली पदों और कम होते प्रमोशन के अवसरों से जूझते सरकारी कर्मचारियों के हित में ये कदम नहीं है। सरकार कमजोर वित्तीय स्थिति का हवाला देकर ऐसे फैसले न ले, जो कर्मचारी विरोधी हों।