एसएमसी प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि स्कूल में एक कमरा करीब 50 साल पुराना जर्जर हाल में था, उसको तोड़ दिया गया था। एक कमरा पक्का था, वह भी जर्जर था। बच्चों पर छत न गिर जाए, इसलिए उसे भी तोड़ दिया गया।
अब एक ही कमरा है और 40 बच्चों को पढ़ाने के लिए छत पर टेंट लगाया है। सरकार तक कई बार बात पहुंचाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जयराम सरकार ने अपने पहले बजट में शिक्षा के लिए 7044 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा प्रदेश में सभी सुविधाओं से लैस 10 आदर्श विद्या केंद्र भी खोलने का एलान किया है।
इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया है, लेकिन प्राइमरी स्कूल के दो कमरों के लिए आज तक बजट जारी नहीं हो पाया है। सूबे में साक्षरता दर भले ही 82.80 फीसदी हो, लेकिन इसमें अब सरकारी स्कूलों का योगदान कम ही लग रहा है।