केंद्र से एनडीआरएफ बटालियन मांगने संबंधी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सरकार को घेरा है। धूमल ने कहा कि यह मामला पहले ही भाजपा कार्यकाल में काफी आगे बढ़ाया जा चुका था। मगर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही सारा मामला लटका दिया गया।
उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिला कांगड़ा की नूरपुर तहसील के कोपड़ा में एनडीआरएफ बटालियन स्थापित करने के लिए भूमि का चयन किया गया था। 23 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 17 हेक्टेयर सरकारी गैर-वनभूमि इसके लिए चुनी गई थी। अन्य औपचारिकताओं के तहत भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 4 और 6 में अधिसूचना भी हो गई थी।
स्थानीय लोगों की सहमति मिल जाने के उपरांत वर्ष 2012 में अवार्ड भी फाइनल हो गया था। पूर्व सरकार ने सभी पहलुओं को देखकर ही इस स्थल का चयन किया था। कांगड़ा जिला भूकंप की दृष्टि से अति-संवेदनशील है। प्रस्तावित बटालियन से 3 राज्यों हिमाचल, पंजाब और जम्मू कश्मीर की जरूरतों को पूरा किया जाना था।