कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल नाटी डालो और खिचड़ी खाओ तक सीमित होकर रह गई है। भाजपा के नेता झूठ बोल कर मुकर जाते हैं। लोगों को गुमराह करना इनकी फितरत है। एक विधायक के नाते समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलना उनका दायित्व है और अधिकार भी है।
इसे अगर कोई चापलूसी का नाम देता है तो यह उनकी मानसिकता है। सड़कें बंद हैं। बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। छह दिन के बाद भी इन की बहाली के कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वन निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी के बयान पर जवाब देते हुए कहा है कि राजनीति में अंधभक्त होना खतरनाक है। सूरत नेगी उम्र में उनसे बड़े है, वह उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने जो बातें उनके विषय में कही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह और उनके पिता वीरभद्र सिंह कान्वेंट स्कूल में पढ़ने के बावजूद हिंदी और अपनी भाषा का पूरा ज्ञान रखते हैं। भाजपा के किसी भी नेता से उन्हें किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। नेगी ने भी प्रदेश में अच्छी बर्फबारी के लिए अति उत्साह में ऐसा बयान सोशल मीडिया में जारी कर अपनी अंध भक्ति को दर्शाया है। विधायक ने प्रदेश में हुई हिमपात से हो रही लोगों की समस्याओं पर चिंता व्यक्तकरते हुए कहा है कि इनके नेता शिमला में आराम से अपने घरों में बैठे हैं।