गायनी ओपीडी को शिफ्ट करने के बाद से हो रही परेशान अमर उजाला ब्यूरो शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी ओपीडी और पूरे संस्थान को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने के लगातार विरोध के बीच उच्च न्यायालय से महिलाओं को राहत की उम्मीद जगी है। मामला अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति प्रदेश महासचिव फालमा चौहान की ओर से उच्च न्यायालय में लगाया था। इसमें गायनी ओपीडी शिफ्टिंग और पूरे संस्थान के स्थानांतरण के प्रस्ताव को लेकर जनहित याचिका दायर का उल्लेख किया था। इसके बाद उच्च न्यायालय में नोटिस जारी किया है।
फैसला आने के बाद फालमा चौहान ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए तानाशाही रवैया अपनाया था और बिना सोचे समझे गायनी ओपीडी को केएनएच से आईजीएमसी में शिफ्ट कर दिया था। इसके बाद से महिलाएं परेशानी में थीं। उन्होंने कहा कि सरकार सरेआम गलत कर रही थी। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि अब बिना सोच विचार के केएनएच से मातृ एवं शिशु अस्पताल से भी डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भवन में शिफ्ट करने का प्रस्ताव था लेकिन उससे पहले सरकार के इस प्रस्ताव पर अब उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। प्रदेश की महिलाओं के हितों और समस्याओं को ध्यान में रखकर समिति ने पीआईएल उच्च न्यायालय में दायर की थी। एक माह से महिलाओं की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे थे उसकी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी की सुविधा केएनएच में भी दी जा सकती है। इसके अलावा तीन विभागों के साथ छेड़छाड़ करना गलत है।
केएनएच मामले में जनता की हुई जीत : भाजपा
शिमला। भारतीय जनता पार्टी ने कमला नेहरू अस्पताल की शिफ्टिंग मामले पर उच्च न्यायालय की ओर से दिए अंतरिम राहत फैसले को अपनी जीत करार दिया है। शिमला मंडल के अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि अगर भाजपा का किया विरोध गलत होता तो कोर्ट मामले में हस्तक्षेप नहीं करता। मामला जनहित का था इसे लेकर कोर्ट ने सरकार को फटकार लगा दी है। मामले पर उच्च न्यायालय का जिला एवं शिमला मंडल के सभी पदाधिकारियों, मंडल के कार्यकर्ताओं ने धन्यवाद किया है। लगातार लगभग तीन बार जिला भाजपा ने केएनएच के मुद्दे पर सरकार को घेरा था और जिलाध्यक्ष ने कहा कि गलत कार्य को कभी भी भाजपा सिरे नहीं चढ़ने देगी। भाजपा नेता संजय सूद ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल को शिफ्ट करने के फैसले पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक जनता को बड़ी राहत मिली है। तीन दिन में सरकार को रिपोर्ट पेश करनी पड़ेगी।